Metro University News : भविष्य की नौकरियों के लिए छात्रों को किया तैयार!, मेट्रो यूनिवर्सिटी के एसोसिएट कॉन्क्लेव में AI, डिजिटल मीडिया और मैनेजमेंट के नए अवसरों पर मंथन, शिक्षा और उद्योग के बीच की दूरी कम करना है लक्ष्य, मीडिया के छात्रों को डिजिटल पत्रकारिता की दी जानकारी

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। तेजी से बदलते तकनीकी और औद्योगिक परिवेश में युवाओं को भविष्य के करियर के लिए तैयार करने के उद्देश्य से मेट्रो यूनिवर्सिटी, ग्रेटर नोएडा में बुधवार को एसोसिएट कॉन्क्लेव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा जगत के विशेषज्ञों, विश्वविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षकों और विभिन्न विभागों के डीन ने भाग लेकर विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट और मीडिया के क्षेत्र में उभरते अवसरों, आधुनिक तकनीकों और उद्योग की नई आवश्यकताओं से परिचित कराया। कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य छात्रों को केवल डिग्री तक सीमित न रखते हुए उन्हें वास्तविक औद्योगिक आवश्यकताओं, रोजगार के बदलते स्वरूप और भविष्य के करियर विकल्पों के प्रति जागरूक बनाना था। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि आने वाले समय में वही विद्यार्थी सफल होंगे, जो तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल, नवाचार और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करेंगे।
शिक्षा और उद्योग के बीच की दूरी कम करना है लक्ष्य
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मेट्रो यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. राजेश पाठक ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को वास्तविक दुनिया की चुनौतियों के लिए तैयार करना है। उन्होंने कहा कि आज उद्योग जगत तेजी से बदल रहा है और शिक्षा संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे छात्रों को उसी अनुरूप प्रशिक्षित करें।
उन्होंने कहा कि मेट्रो यूनिवर्सिटी इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, मीडिया और अन्य पेशेवर पाठ्यक्रमों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि यहां से निकलने वाले विद्यार्थी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।

इंजीनियरिंग में AI, रोबोटिक्स और ऑटोमेशन का बढ़ता महत्व
स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के सत्र में प्रो. (डॉ.) दिलकेश्वर पांडेय ने कहा कि आने वाला समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, ऑटोमेशन, मशीन लर्निंग और सस्टेनेबल एनर्जी जैसी आधुनिक तकनीकों का है। उन्होंने छात्रों को इन क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल करने और नई तकनीकों को सीखने की सलाह दी, ताकि वे भविष्य की प्रतिस्पर्धा में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग केवल तकनीकी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि नवाचार और व्यावहारिक समाधान विकसित करने की क्षमता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
मैनेजमेंट छात्रों को बताए डिजिटल बिजनेस के नए अवसर
स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के प्रो. (डॉ.) अनूप पंत ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान कॉर्पोरेट जगत पूरी तरह डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों को डेटा आधारित निर्णय क्षमता, बिजनेस एनालिटिक्स, डिजिटल मार्केटिंग, उद्यमिता और नेतृत्व कौशल विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज कंपनियां ऐसे मैनेजमेंट प्रोफेशनल्स की तलाश कर रही हैं, जो बदलती परिस्थितियों के अनुसार तेजी से निर्णय लेने और नई रणनीतियां विकसित करने में सक्षम हों।
मीडिया के छात्रों को डिजिटल पत्रकारिता की दी जानकारी
स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन के सत्र में डॉ. अरुणेश कुमार द्विवेदी ने छात्रों को डिजिटल पत्रकारिता, कंटेंट क्रिएशन, सोशल मीडिया कम्युनिकेशन, कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन और मल्टीमीडिया प्लेटफॉर्म्स में तेजी से बढ़ रहे रोजगार के अवसरों की जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि मीडिया उद्योग तेजी से डिजिटल हो रहा है और आज पत्रकारिता केवल अखबार या टीवी तक सीमित नहीं रह गई है। डिजिटल प्लेटफॉर्म, पॉडकास्ट, वीडियो कंटेंट, सोशल मीडिया और डेटा जर्नलिज्म जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए अपार संभावनाएं मौजूद हैं।
छात्रों ने पूछे सवाल, विशेषज्ञों ने दिए समाधान
कॉन्क्लेव के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों से प्रश्न पूछे। विशेषज्ञों ने करियर चयन, उच्च शिक्षा, रोजगार, तकनीकी कौशल, स्टार्टअप, उद्योग की अपेक्षाओं और भविष्य की चुनौतियों से जुड़े सवालों के विस्तार से उत्तर दिए। साथ ही छात्रों को लगातार सीखते रहने, नई तकनीकों को अपनाने और व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन नियमित रूप से किए जाएंगे, ताकि विद्यार्थियों को उद्योग जगत की बदलती जरूरतों और रोजगार के नए अवसरों की जानकारी समय-समय पर मिलती रहे। मेट्रो यूनिवर्सिटी का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल डिग्रीधारी नहीं, बल्कि कुशल, आत्मविश्वासी और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी पेशेवर के रूप में तैयार करना है।



