Authority Breaking News ग्रेटर नोएडा की बदलेगी तस्वीर, दौड़ेगा विकास का ‘सुपर कॉरिडोर’!, बोडाकी MMTH के बीच बनेगी 80 मीटर चौड़ी हाईटेक सड़क, शुरू हुई जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया, लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी को मिलेगा नया पंख, 105 मीटर रोड से जुड़ेगी 80 मीटर चौड़ी नई सड़क, सीईओ रवि कुमार एनजी की दूरदर्शी पहल से विकास को मिलेगी नई रफ्तार
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) रवि कुमार एनजी की पहल पर बोडाकी में विकसित किए जा रहे मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब (MMTH) के मध्य से गुजरने वाली 80 मीटर चौड़ी अत्याधुनिक सड़क के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा को देश के सबसे आधुनिक औद्योगिक, लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित करने की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) रवि कुमार एनजी की पहल पर बोडाकी में विकसित किए जा रहे मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब (MMTH) के मध्य से गुजरने वाली 80 मीटर चौड़ी अत्याधुनिक सड़क के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह परियोजना केवल एक सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले वर्षों में ग्रेटर नोएडा की परिवहन व्यवस्था, औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार की तस्वीर बदलने वाली परियोजना मानी जा रही है। यह सड़क बोडाकी मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब को आधुनिक सड़क नेटवर्क से जोड़ते हुए पूरे क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नई गति देगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पूरा होने के बाद ग्रेटर नोएडा न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे उत्तर भारत के सबसे बड़े लॉजिस्टिक्स केंद्रों में अपनी मजबूत पहचान बनाएगा।
सीईओ रवि कुमार एनजी की दूरदर्शी पहल से विकास को मिलेगी नई रफ्तार
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण लगातार शहर को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है। इसी कड़ी में सीईओ रवि कुमार एनजी ने बोडाकी MMTH परियोजना के बीच से गुजरने वाली 80 मीटर चौड़ी सड़क के निर्माण को प्राथमिकता देते हुए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू कराई है। प्राधिकरण का उद्देश्य केवल सड़क बनाना नहीं, बल्कि ऐसा आधुनिक ट्रांसपोर्ट नेटवर्क तैयार करना है जो आने वाले कई दशकों तक औद्योगिक, वाणिज्यिक और सार्वजनिक परिवहन की जरूरतों को पूरा कर सके।

जिला प्रशासन ने जारी की प्रारंभिक अधिसूचना, SIA प्रक्रिया शुरू
इस महत्वाकांक्षी परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन ने सामाजिक समाघात निर्धारण (Social Impact Assessment-SIA) की प्रारंभिक अधिसूचना जारी कर दी है। भूमि अधिग्रहण से पहले SIA अध्ययन इसलिए कराया जाता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि परियोजना से प्रभावित किसानों, ग्रामीणों और स्थानीय लोगों के हितों की रक्षा हो तथा सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन पारदर्शिता के साथ किया जाए। प्रशासन का कहना है कि विकास और जनहित दोनों के बीच संतुलन बनाए रखना इस परियोजना की प्राथमिकता है।
105 मीटर रोड से जुड़ेगी 80 मीटर चौड़ी नई सड़क
प्रस्तावित सड़क पल्ला गांव के पास बन रही छह लेन सड़क को बील गांव के निकट प्रस्तावित 105 मीटर चौड़ी मुख्य सड़क से जोड़ेगी। इस नई सड़क के बनने के बाद—
बोडाकी मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब तक पहुंच आसान होगी।
औद्योगिक क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
भारी वाहनों की आवाजाही व्यवस्थित होगी।
शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच यात्रा समय कम होगा।
ट्रैफिक दबाव में उल्लेखनीय कमी आएगी। यह सड़क भविष्य में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और अन्य प्रमुख परिवहन परियोजनाओं के साथ भी बेहतर तालमेल स्थापित करेगी।
देश के सबसे बड़े लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में शामिल होगा बोडाकी
बोडाकी में विकसित किया जा रहा मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब (MMTH) उत्तर प्रदेश की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है। यहां भारतीय रेलवे का आधुनिक फ्रेट यार्ड, कोचिंग यार्ड और अन्य लॉजिस्टिक्स सुविधाएं विकसित की जाएंगी। रेल और सड़क परिवहन के बेहतर समन्वय से—माल ढुलाई तेज होगी।
परिवहन लागत घटेगी।
उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा।
निर्यात और आयात गतिविधियों को मजबूती मिलेगी।
निवेशकों के लिए ग्रेटर नोएडा और अधिक आकर्षक बनेगा।विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र देश के सबसे बड़े मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट केंद्रों में शामिल हो सकता है।
9.6645 हेक्टेयर भूमि का होगा अधिग्रहण
इस परियोजना के लिए दादरी तहसील के दतावली गांव की लगभग 9.6645 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जाएगी। भूमि अधिग्रहण से पहले गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय सामाजिक समाघात निर्धारण (SIA) का विस्तृत अध्ययन करेगा। इस दौरान— किसानों से सुझाव लिए जाएंगे।
ग्रामीणों की आपत्तियां सुनी जाएंगी।
प्रभावित पक्षों से संवाद स्थापित किया जाएगा।
रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। प्रशासन ने हेल्पलाइन और ई-मेल के माध्यम से भी लोगों से सुझाव आमंत्रित करने की व्यवस्था की है।
60 दिनों में पूरी होगी प्रक्रिया
प्रशासन का लक्ष्य अगले 60 दिनों के भीतर SIA प्रक्रिया पूरी करना है। इसके बाद भूमि अधिग्रहण की औपचारिक कार्रवाई तेज की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि परियोजना को पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाया जाएगा ताकि विकास कार्यों के साथ किसानों के अधिकारों का भी पूरा सम्मान हो।
औद्योगिक विकास, रोजगार और निवेश को मिलेगा बड़ा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सड़क केवल आवागमन आसान नहीं बनाएगी, बल्कि पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा देगी। इसके प्रमुख लाभ होंगे—नए उद्योगों का आगमन।
लॉजिस्टिक्स कंपनियों का विस्तार।
रोजगार के हजारों नए अवसर।
व्यापारिक गतिविधियों में तेजी।
रियल एस्टेट क्षेत्र को मजबूती।
क्षेत्रीय आर्थिक विकास को नई दिशा।
ग्रेटर नोएडा बनेगा भविष्य का ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स कैपिटल
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे और अब मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब जैसी परियोजनाओं के साथ ग्रेटर नोएडा तेजी से देश के सबसे बड़े ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क का केंद्र बनता जा रहा है। 80 मीटर चौड़ी इस सड़क का निर्माण भविष्य में शहर की विकास यात्रा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाला साबित हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे ग्रेटर नोएडा की पहचान केवल एक औद्योगिक शहर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह राष्ट्रीय स्तर पर आधुनिक लॉजिस्टिक्स और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर का प्रमुख मॉडल बनकर उभरेगा।



