PM on DPS Students News : प्राकृतिक राखी लेकर प्रधानमंत्री से मिले DPS केपी-5 के विद्यार्थी, रक्षाबंधन पर नन्हे हाथों ने बुनी प्रेम, प्रकृति और राष्ट्रप्रेम की अनूठी डोर, PM को बांधी राखी, ‘एक पेड़ मां के नाम’ और ‘AI फॉर ऑल’ की सराहना, प्राचार्या मंजू वर्मा ने विद्यार्थियों को दी बधाई
प्रधानमंत्री के साथ संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने विद्यालय की ओर से पर्यावरण और तकनीकी शिक्षा से जुड़ी पहलों की जानकारी भी साझा की। प्रधानमंत्री ने विद्यालय की ओर से ‘एक पेड़ मां के नाम’ और ‘AI फॉर ऑल’ जैसी पहलों को लागू करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। रक्षाबंधन का पर्व दिल्ली पब्लिक स्कूल, केपी-V के विद्यार्थियों के लिए इस बार बेहद खास और यादगार बन गया। विद्यालय के विद्यार्थियों को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने और उन्हें अपने हाथों से तैयार की गई प्राकृतिक एवं पर्यावरण-अनुकूल राखियां भेंट करने का अवसर मिला। बच्चों ने अपनी रचनात्मकता के माध्यम से रक्षाबंधन के पारंपरिक पर्व को पर्यावरण संरक्षण, तकनीकी जागरूकता, युवा शक्ति और राष्ट्रनिर्माण के संदेश से जोड़ दिया।
प्रधानमंत्री से भेंट करने वाले विद्यार्थियों में कक्षा 10 की आद्या श्रीवास्तव एवं अविका राठौर, कक्षा 5 की नम्या सिंह तथा कक्षा 4 की आरना कौल शामिल रहीं। विद्यार्थियों ने प्रधानमंत्री को अलग-अलग विषयों पर आधारित प्राकृतिक राखियां भेंट कीं। इन राखियों के माध्यम से उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), अंतरिक्ष और युवा शक्ति जैसे विषयों को रक्षाबंधन के संदेश के साथ जोड़ा।
राखी में दिखी प्रकृति और राष्ट्रप्रेम की भावना
विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई प्राकृतिक राखियों की खासियत यह रही कि इनमें केवल कलात्मकता ही नहीं, बल्कि एक सार्थक संदेश भी निहित था। बच्चों ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि भारतीय त्योहार केवल परंपराओं को निभाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से समाज और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी अभिव्यक्त किया जा सकता है। प्रधानमंत्री को राखी भेंट करते हुए छात्राओं ने प्रकृति संरक्षण और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील रहने का संदेश दिया। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विवेकपूर्ण और जिम्मेदार उपयोग का संकल्प भी व्यक्त किया। बच्चों की इस पहल में तकनीक और परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिला।
प्रधानमंत्री को बांधी राखी, लिया जिम्मेदार AI के इस्तेमाल का संकल्प
प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान छात्राओं ने उन्हें राखी बांधी और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में हो रहे विभिन्न विकास कार्यों और युवाओं के लिए शुरू की गई पहलों का उल्लेख करते हुए अपने विचार साझा किए। छात्राओं ने प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं देते हुए भारत को वर्ष 2047 तक विश्व की अग्रणी अंतरिक्ष शक्तियों में शामिल करने के लक्ष्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। इसके साथ ही उन्होंने ‘एक पृथ्वी, एक परिवार और एक भविष्य’ की भावना को आगे बढ़ाने का संदेश भी दिया।
बच्चों ने प्रधानमंत्री को एक विशेष कविता भी समर्पित की। कविता के माध्यम से उनके 24 वर्षों के सार्वजनिक नेतृत्व को रेखांकित किया गया। इसमें डिजिटल भारत के विजन, यूपीआई जैसी डिजिटल पहलों, अंतरिक्ष क्षेत्र में स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने तथा नागरिक और सैन्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने जैसे विषयों का उल्लेख किया गया।
‘एक पेड़ मां के नाम’ और ‘AI फॉर ऑल’ की सराहना
प्रधानमंत्री के साथ संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने विद्यालय की ओर से पर्यावरण और तकनीकी शिक्षा से जुड़ी पहलों की जानकारी भी साझा की। प्रधानमंत्री ने विद्यालय की ओर से ‘एक पेड़ मां के नाम’ और ‘AI फॉर ऑल’ जैसी पहलों को लागू करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
बच्चों ने बताया कि विद्यालय में विद्यार्थियों को नई तकनीकों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उनके जिम्मेदार इस्तेमाल पर भी जोर दिया जा रहा है। विद्यार्थियों ने इस बात को रेखांकित किया कि AI आने वाले समय में शिक्षा, रोजगार, अनुसंधान और विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। ऐसे में युवा पीढ़ी के लिए तकनीकी ज्ञान के साथ नैतिक और जिम्मेदार सोच विकसित करना भी जरूरी है।
‘पीएम ई-विद्या’ और ‘दीक्षा’ के लिए जताया आभार
विद्यार्थियों ने प्रधानमंत्री को युवाओं और विद्यार्थियों को सशक्त बनाने के लिए शुरू की गई विभिन्न शैक्षणिक पहलों के लिए धन्यवाद दिया। छात्राओं ने ‘पीएम ई-विद्या’ और ‘दीक्षा पोर्टल’ जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि डिजिटल माध्यमों ने विद्यार्थियों तक शिक्षा और सीखने के नए अवसर पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने प्रधानमंत्री के साथ विद्यार्थियों के संवाद का माध्यम बने ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम का भी उल्लेख किया। छात्राओं ने कहा कि विद्यार्थियों से निरंतर संवाद और उन्हें परीक्षा तथा जीवन की चुनौतियों के लिए प्रेरित करने से उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है।
बच्चों के लिए जीवनभर याद रहने वाला अनुभव
प्रधानमंत्री को अपने हाथों से तैयार की गई राखी भेंट करना विद्यार्थियों के लिए बेहद गौरवपूर्ण अनुभव रहा। सामान्य तौर पर रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का पर्व माना जाता है, लेकिन इन विद्यार्थियों ने अपनी राखियों के माध्यम से इसे प्रकृति, पर्यावरण, तकनीक और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी से जोड़कर एक व्यापक संदेश दिया।
प्रधानमंत्री से प्रत्यक्ष संवाद और उन्हें अपनी बनाई हुई राखी भेंट करने से बच्चों में आत्मविश्वास और उत्साह का संचार हुआ। इस मुलाकात ने उन्हें यह समझने का अवसर भी दिया कि रचनात्मक सोच और छोटी-छोटी पहलें भी समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकती हैं। विद्यालय की ओर से बताया गया कि विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी, पर्यावरण संरक्षण, रचनात्मकता और नेतृत्व के मूल्यों से जोड़ने पर लगातार जोर दिया जाता है। प्राकृतिक राखी तैयार करने और उसे प्रधानमंत्री को भेंट करने की पहल भी इसी सोच का हिस्सा रही।
प्राचार्या मंजू वर्मा ने विद्यार्थियों को दी बधाई
विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती मंजू वर्मा ने विद्यार्थियों की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों की यह पहल भारतीय परंपराओं, प्रकृति और राष्ट्र के प्रति उनकी संवेदनशीलता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के लिए प्रधानमंत्री से मुलाकात करना और उन्हें अपने हाथों से तैयार की गई राखी भेंट करना गर्व का विषय है। इससे बच्चों को अपनी रचनात्मकता प्रदर्शित करने के साथ-साथ देश और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का अवसर भी मिला है।
प्राचार्या ने कहा कि विद्यालय का प्रयास है कि विद्यार्थियों में केवल अकादमिक ज्ञान ही विकसित न हो, बल्कि उनमें आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, संवेदनशीलता, पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की भावना भी मजबूत हो। रक्षाबंधन के इस विशेष अवसर पर डीपीएस केपी-V के विद्यार्थियों ने अपनी प्राकृतिक राखियों के जरिए एक खूबसूरत संदेश दिया—परंपराओं को आधुनिक सोच से जोड़ते हुए प्रकृति की रक्षा, तकनीक का जिम्मेदार इस्तेमाल और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य में युवाओं की भागीदारी ही सच्चे अर्थों में नई पीढ़ी की जिम्मेदारी है।



