Breaking News : गौतम बुद्ध नगर में भ्रष्टाचार के खिलाफ बिगुल, करप्शन फ्री इंडिया संगठन ने किया जोरदार प्रदर्शन – जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन, गांव और विकास कार्यों की दुर्दशा, जनता की आवाज अब और बुलंद

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे।
गौतम बुद्ध नगर जिला मुख्यालय एक बार फिर गवाह बना जनआक्रोश का, जब करप्शन फ्री इंडिया संगठन के कार्यकर्ताओं ने जिले के विभिन्न विभागों में बढ़ते भ्रष्टाचार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। संगठन के जिला अध्यक्ष प्रेम प्रधान के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता जिला मुख्यालय पहुंचे और जोरदार नारेबाजी करते हुए भ्रष्टाचार समाप्त करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी मेधा रूपम को संबोधित ज्ञापन एडीएम मंगलेश दुबे को सौंपा गया।
गौतम बुद्ध नगर में हो रहे इस बड़े प्रदर्शन ने साफ कर दिया है कि जनता अब जाग चुकी है और भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है। जनता की उम्मीदें अब प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
किस-किस विभाग पर लगे गंभीर आरोप
प्रदर्शनकारियों ने खुलकर आरोप लगाए कि खाद्य विभाग, खनन विभाग, शिक्षा विभाग, चिकित्सा विभाग, आबकारी विभाग, निबंधन विभाग, ग्राम विकास विभाग और भू-जल विभाग भ्रष्टाचार के दलदल में धंस चुके हैं।
खाद्य विभाग पर आरोप लगाया गया कि उसकी लापरवाही और मिलीभगत के कारण नकली घी, पनीर और अन्य खाद्य पदार्थ खुलेआम बिक रहे हैं।
शिक्षा और चिकित्सा विभाग पर सवाल उठाते हुए कहा गया कि सरकारी स्कूल और अस्पताल बदहाल हैं, जबकि प्राइवेट संस्थान मनमानी कर जनता से खुली लूट कर रहे हैं।
भू-जल विभाग और प्राधिकरणों पर आरोप है कि बिल्डर लगातार अवैध भू-जल दोहन कर रहे हैं और शिकायतों के बावजूद अधिकारी कार्रवाई नहीं करते।आबकारी विभाग की अनदेखी के कारण सरकारी शराब की दुकानों पर निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूली जा रही है।खनन विभाग पर आरोप है कि खनन माफिया सरकारी जमीनों पर अवैध खनन कर रहे हैं और अधिकारी आंख मूंदकर बैठे हैं।
नेताओं और पदाधिकारियों के तीखे बयान
संगठन के संस्थापक चौधरी प्रवीण भारतीय और मा. दिनेश नागर ने कहा कि जनपद में भ्रष्टाचार का आलम इतना बढ़ गया है कि आम जनता की मूलभूत जरूरतें तक पूरी नहीं हो पा रही हैं। नकली खाद्य सामग्री से लोगों की सेहत पर खतरा मंडरा रहा है, वहीं अवैध खनन से पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है।
जिलाध्यक्ष प्रेम प्रधान ने कहा कि “जनपद में भ्रष्टाचार की वजह से गरीब और किसान सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। अधिकारी भ्रष्टाचारियों से मिले हुए हैं और शिकायतों पर ध्यान नहीं देते। आबकारी विभाग की मिलीभगत से दुकानों पर महंगी शराब बेची जा रही है और आम आदमी की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।”
गांव और विकास कार्यों की दुर्दशा
संगठन ने आरोप लगाया कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के अंतर्गत आने वाले गांवों समेत 80 ग्राम पंचायतों की स्थिति बेहद खराब है।
गांवों में कीचड़ भरे रास्ते हैं जिनसे लोगों को गुजरना पड़ता है। श्मशान घाट और अन्य बुनियादी सुविधाओं का अभाव है।
ग्रामीणों को विकास की जगह उपेक्षा का सामना करना पड़ रहा है।
चौधरी प्रवीण भारतीय ने कहा कि “सरकारी दावों के बावजूद गांवों का हाल किसी से छिपा नहीं है। जनता को विकास की बजाय भ्रष्टाचार का बोझ झेलना पड़ रहा है।”

जोरदार प्रदर्शन और जनता का समर्थन
प्रदर्शन के दौरान सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे जिन्होंने “भ्रष्टाचार बंद करो”, “जनता को न्याय दो” जैसे नारे लगाए। इस आंदोलन में मा. दिनेश नागर, प्रेमराज भाटी, सुशील प्रधान, राकेश नागर, सूबेदार बालेश्वर, आकाश नागर, सत्येंद्र चौधरी, गौरव नागर, दुलीचंद नागर, तेजवीर चौहान, कुलबीर भाटी, लक्ष्मी पंडित, ब्रह्म प्रधान, रतनपाल, सौरभ, संदीप, मुकेश कसाना, कमल नागर, नितिन पहलवान, वरुण नागर, ब्रह्मपाल कपासिया, नीरज भाटी, रविंद्र (बरसात), विजय प्रधान, मोहित अधाना, जयचंद चौहान, नवीन भाटी, राहुल, रोहित कुलीपुरा आदि शामिल हुए।
जिलाधिकारी से अपेक्षाएँ
ज्ञापन में मांग की गई कि सभी विभागों में हो रहे भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। नकली खाद्य सामग्री बेचने वालों पर छापेमारी और कड़ी सजा दी जाए।
अवैध खनन और भू-जल दोहन पर तुरंत रोक लगाई जाए। शराब की दुकानों पर निर्धारित दर से ही शराब बेचे जाने की सख्त व्यवस्था हो। ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाए।
एडीएम मंगलेश दुबे ने संगठन के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों और शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा और जिलाधिकारी मेधा रूपम के संज्ञान में लाकर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
जनता की आवाज अब और बुलंद
करप्शन फ्री इंडिया संगठन के इस आंदोलन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जनता अब भ्रष्टाचार के खिलाफ चुप नहीं बैठने वाली। जिले के गांवों और कस्बों से आए लोगों ने भी संगठन की आवाज़ का समर्थन किया और कहा कि अगर जल्द ही सुधार नहीं हुआ तो यह आंदोलन और बड़ा रूप लेगा।



