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Noida Authority News : 20 घंटे की मूसलाधार बारिश के बाद भी अलर्ट रहा नोएडा प्राधिकरण, 10 वर्क सर्किलों की टीमें रहीं मैदान में; 320 किमी नालों की सफाई, 24x7 कंट्रोल रूम और QRT ने संभाला मोर्चा, लो-लाइंग क्षेत्रों पर विशेष नजर, डीजल पंपसेट से रोका जलभराव, नोएडा ऑथोरिटी के सीईओ कृष्णा करुणेश ने कल दिए थे निर्देश

नोएडा, रफ़्तार टूडे। लगातार लगभग 20 घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश के दौरान शहर में जलभराव की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए नोएडा प्राधिकरण पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आया। विभिन्न स्थानों से जलभराव की शिकायतें मिलते ही प्राधिकरण ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अपने सभी 10 वर्क सर्किलों की टीमों को मैदान में उतार दिया। आधुनिक मशीनों, पंपसेट और आपातकालीन संसाधनों की मदद से जलनिकासी का कार्य युद्धस्तर पर चलाया गया, जिससे प्रमुख मार्गों और अंडरपासों पर यातायात जल्द सामान्य हो सका।

प्राधिकरण के अनुसार, बारिश के दौरान जहां-जहां जलभराव की सूचना मिली, वहां जेसीबी, पोकलेन, हाईड्रा, सुपर सकर मशीन, डीजल पंपसेट और अन्य आवश्यक उपकरणों की मदद से पानी निकासी और नालों की सफाई का कार्य किया गया। अंडरपासों में विशेष रूप से जनरेटर आधारित पंपिंग सिस्टम लगाकर पानी निकाला गया, ताकि आवागमन बाधित न हो और लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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लो-लाइंग क्षेत्रों पर विशेष नजर, डीजल पंपसेट से रोका जलभराव

नोएडा के जल विभाग ने पहले से चिन्हित 28 लो-लाइंग (निचले) क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी। इन स्थानों पर डीजल पंपसेट तैनात कर समय रहते पानी की निकासी की गई, जिससे बड़े स्तर पर जलभराव की स्थिति बनने से रोका जा सका। प्राधिकरण का दावा है कि पूर्व तैयारी और त्वरित कार्रवाई के कारण इन संवेदनशील क्षेत्रों में हालात नियंत्रण में रहे।

320 किलोमीटर लंबे मुख्य नालों की सफाई का अभियान

शहर के ड्रेनेज सिस्टम को सुचारु बनाए रखने के लिए प्राधिकरण ने व्यापक स्तर पर नालों की सफाई भी जारी रखी। कुल 104 मुख्य नालों, जिनकी लंबाई लगभग 320 किलोमीटर है, पर 42 जेसीबी मशीनें, 2 पोकलेन और 102 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लगाकर जलनिकासी और सफाई का कार्य कराया गया। इसके अलावा पांच सुपर सकर मशीनों की मदद से बड़े नालों की डी-सिल्टिंग (गाद निकालने) का अभियान भी चलाया गया। प्राधिकरण के अनुसार अब तक नालों की लगभग 80 प्रतिशत डी-सिल्टिंग का कार्य पूरा किया जा चुका है।

बेसमेंट जलभराव की शिकायतों पर तुरंत पहुंची टीमें

बारिश के दौरान कुछ स्थानों पर बेसमेंट में पानी भरने की शिकायतें भी प्राप्त हुईं। इन शिकायतों पर प्राधिकरण की तैनात टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और पंपिंग मशीनों की सहायता से पानी निकालने का कार्य किया। अधिकारियों का कहना है कि ऐसी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया गया।

24×7 कॉल सेंटर और क्विक रिस्पांस टीम सक्रिय

मानसून के दौरान नागरिकों को त्वरित राहत देने के उद्देश्य से नोएडा प्राधिकरण ने 24 घंटे सक्रिय कॉल सेंटर स्थापित किया है। जलभराव से संबंधित शिकायतों के लिए 0120-2423795 हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है, जहां नागरिक किसी भी समय सूचना दे सकते हैं। शिकायत मिलते ही क्विक रिस्पांस टीम (QRT) तत्काल मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान कर रही है।

सफाई व्यवस्था भी रही प्राथमिकता

बारिश के मौसम में जलनिकासी के साथ-साथ शहर की सफाई व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी जा रही है। प्राधिकरण के अनुसार प्रतिदिन लगभग 900 टन ठोस कचरे का संग्रहण कर उसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त प्रतिदिन लगभग 400 टन सी एंड डी (Construction & Demolition) वेस्ट का भी निस्तारण किया जा रहा है, ताकि शहर की स्वच्छता और यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो।

नागरिकों से सहयोग की अपील

नोएडा प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि जलभराव या जलनिकासी से जुड़ी किसी भी समस्या की सूचना तुरंत हेल्पलाइन पर दें। साथ ही नालों में कचरा न डालें और सफाई व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें, ताकि मानसून के दौरान शहर में जलभराव की समस्या को प्रभावी ढंग से नियंत्रित रखा जा सके।

रफ़्तार टूडे की न्यूज

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