अथॉरिटीजेवरजेवर एयरपोर्टटॉप न्यूजताजातरीनयमुना सिटी

Yamuna Authority News : भू-माफियाओं पर फिर चला यमुना प्राधिकरण का बुलडोजर!, चपरगढ़ में 250 करोड़ की सरकारी जमीन कराई कब्ज़ामुक्त, 60 मीटर चौड़ी ग्रीन बेल्ट पर अवैध कब्जों का हुआ सफाया, सख्त संदेश—‘अब नहीं चलेगी जमीन पर गुंडागर्दी’, यीडा के सीईओ राकेश सिंह बोले ग्रीन बेल्ट पर कब्जा बर्दाश्त नहीं, प्राधिकरण ने दिखाई सख्ती

जेवर, रफ़्तार टूडे। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहे विकास के बीच भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने एक बार फिर बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए स्पष्ट संदेश दिया है कि अधिसूचित क्षेत्र की सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा या कॉलोनाइजेशन अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्राधिकरण ने ग्राम चपरगढ़ में व्यापक प्रवर्तन अभियान चलाकर करीब 50 हजार वर्ग मीटर भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 250 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

यह कार्रवाई न केवल सरकारी भूमि को सुरक्षित करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है, बल्कि उन लोगों के लिए भी कड़ा संदेश है जो प्राधिकरण की अधिसूचित जमीनों पर अवैध कब्जा कर करोड़ों रुपये का खेल खेल रहे हैं। यमुना प्राधिकरण ने साफ कर दिया है कि भविष्य में भी इस प्रकार के अभियान और अधिक सख्ती के साथ जारी रहेंगे।

ग्रीन बेल्ट पर कब्जा, प्राधिकरण ने दिखाई सख्ती

प्राधिकरण द्वारा जारी जानकारी के अनुसार यह अभियान मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) राकेश कुमार सिंह के निर्देश पर तथा अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी राजेश कुमार सिंह के नेतृत्व में चलाया गया। कार्रवाई के दौरान ग्राम चपरगढ़ स्थित 60 मीटर चौड़ी ग्रीन बेल्ट पर किए गए अवैध अतिक्रमण को पूरी तरह हटाया गया। यह भूमि यमुना प्राधिकरण की अर्जित एवं कब्जा प्राप्त भूमि है। इसके बावजूद कुछ लोगों ने इस पर अवैध रूप से कब्जा कर निर्माण और अतिक्रमण कर लिया था। प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर बुलडोजर और अन्य मशीनों की मदद से सभी अवैध कब्जों को हटाया और पूरी भूमि को दोबारा अपने कब्जे में ले लिया।

250 करोड़ की सरकारी संपत्ति फिर आई प्राधिकरण के कब्जे में

प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार मुक्त कराई गई भूमि का क्षेत्रफल लगभग 50,000 वर्ग मीटर है। वर्तमान बाजार दर लगभग 50 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से इस भूमि की अनुमानित कीमत करीब 250 करोड़ रुपये आंकी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण और आसपास तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक एवं आवासीय क्षेत्रों के कारण इस इलाके की जमीनों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। इसी वजह से भू-माफिया सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा कर उन्हें बेचने या अवैध कॉलोनियां विकसित करने की कोशिश करते हैं। ऐसे में यह कार्रवाई विकास योजनाओं को सुरक्षित रखने के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

भारी पुलिस बल और पीएसी की मौजूदगी में चला अभियान

कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। मौके पर पीएसी, भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे। अभियान में उप जिलाधिकारी कृष्ण गोपाल त्रिपाठी, उप जिलाधिकारी हरी प्रताप सिंह और उप जिलाधिकारी शिव अवतार सिंह सहित प्राधिकरण के प्रोजेक्ट विभाग, भूलेख विभाग और प्रवर्तन दल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने के कारण पूरा अभियान शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

अवैध कॉलोनियों और कब्जों पर जारी रहेगा अभियान

यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि अधिसूचित क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण, अवैध कॉलोनी या सरकारी भूमि पर कब्जा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्राधिकरण का कहना है कि नियोजित विकास को बाधित करने वाले तत्वों के खिलाफ आगे भी इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

अधिकारियों ने बताया कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, फिल्म सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क, लॉजिस्टिक हब और अन्य बड़ी परियोजनाओं के कारण इस क्षेत्र का महत्व लगातार बढ़ रहा है। इसलिए सरकारी भूमि की सुरक्षा और नियोजित विकास सुनिश्चित करना प्राधिकरण की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

जनता को भी किया गया सतर्क

प्राधिकरण ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अवैध कॉलोनी, बिना अनुमति विकसित की जा रही परियोजना या विवादित भूमि में निवेश करने से पहले उसकी पूरी जानकारी प्राधिकरण से अवश्य प्राप्त करें। अधिकारियों ने कहा कि कई भू-माफिया लोगों को सस्ते प्लॉट का लालच देकर सरकारी जमीन बेचने का प्रयास करते हैं। ऐसे मामलों में खरीदारों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसलिए किसी भी भूमि की खरीद से पहले उसकी वैधता की जांच करना बेहद आवश्यक है।

नियोजित विकास की दिशा में बड़ा कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि यमुना प्राधिकरण की यह कार्रवाई केवल अतिक्रमण हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे क्षेत्र में नियोजित विकास को गति देने का भी महत्वपूर्ण प्रयास है। जब सरकारी भूमि अतिक्रमण मुक्त होगी, तभी सड़क, ग्रीन बेल्ट, औद्योगिक परियोजनाएं, सार्वजनिक सुविधाएं और अन्य विकास कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जा सकेंगे। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास जिस तेजी से निवेश बढ़ रहा है, उसे देखते हुए ऐसी कार्रवाइयां भविष्य में भी लगातार देखने को मिल सकती हैं।

रफ़्तार टूडे की न्यूज
Raftar Today
Raftar Today

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button