
नोएडा, रफ़्तार टुडे। गौतम बुद्ध नगर में लंबे समय से ग्रामीण खेल-संरचनाओं की कमी महसूस की जा रही थी, लेकिन अब यह इंतजार खत्म होने जा रहा है। नोएडा प्राधिकरण ने 17 नवंबर 2025 को वह बड़ा निर्णय ले लिया है, जिसका सपना ग्रामीण खिलाड़ी, कोच और युवाओं ने लंबे समय से देखा था। प्राधिकरण ने एक साथ तीन प्रमुख गांवों — सफ़ाबाद, सोर्सा और पर्थला — में आधुनिक शेडेड कुश्ती अखाड़ों के निर्माण को सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी है।
इस महत्त्वपूर्ण निर्णय को प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने हरी झंडी दिखा दी है, जिसके साथ ही ग्रामीण खिलाड़ियों में उत्साह की लहर दौड़ गई है।
ग्रामीण खेलों को मिलेगा तगड़ा बूस्ट, प्राधिकरण की नजर अब गांवों की खेल प्रतिभा पर
कई वर्षों से नोएडा के ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं की प्रतिभा चमकने के लिए मंच की कमी थी। गांवों के कुश्ती खिलाड़ी खुले मैदानों में, धूल-मिट्टी में और अक्सर मौसम की मार झेलते हुए अभ्यास करते थे। लेकिन अब हालात बदलने वाले हैं।
नोएडा प्राधिकरण ने साफ कहा है कि ग्रामीण खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और उनकी प्रतिभा को निखारने के लिए व्यवस्थित, सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाले खेल परिसरों की जरूरत है। इसी उद्देश्य से तीन गांवों में एक साथ कुश्ती अखाड़े बनाने का फैसला लिया गया है।
कहाँ बनेंगे ये आधुनिक शेडेड कुश्ती अखाड़े?
प्राधिकरण द्वारा स्वीकृत स्थान निम्नलिखित हैं—
ग्राम सफ़ाबाद – महादेव अपार्टमेंट, सेक्टर-73 के पास
यह स्थान घनी आबादी के बीच आता है। यहाँ लंबे समय से खिलाड़ियों को ढंग की खेल-सुविधा नहीं थी। नया अखाड़ा इस क्षेत्र के युवाओं को नई दिशा देगा।
ग्राम पर्थला – खेल मैदान, एफएनजी मार्ग के पास
पर्थला वैसे भी खेल गतिविधियों का क्षेत्र माना जाता है। यहाँ अखाड़े का निर्माण आसपास के कई गांवों के खिलाड़ियों को भी लाभ देगा।
ग्राम सोर्सा – शिव गेट के पास
सोर्सा में कुश्ती की स्थानीय परंपरा रही है। लेकिन सुविधाओं की कमी खिलाड़ियों की सबसे बड़ी समस्या थी। अब यहाँ बनने वाला आधुनिक अखाड़ा गांव की पहचान को फिर मजबूत करेगा।
2.56 करोड़ रुपये की लागत, पहली बार गांवों को इतनी बड़ी खेल सौगात
नोएडा प्राधिकरण ने तीनों गांवों के लिए अखाड़ा और अन्य खेलगत संरचनाओं पर कुल ₹2.56 करोड़ की लागत का अनुमान लगाया है।
यह रकम सिर्फ एक इमारत पर नहीं, बल्कि आधुनिक और बहुउद्देश्यीय खेल-परिसर पर खर्च की जाएगी।
यह दर्शाता है कि प्राधिकरण अब विकास को सिर्फ शहरी सेक्टरों तक सीमित नहीं रखना चाहता, बल्कि गांवों के युवाओं को भी राष्ट्रीय स्तर की सुविधाएँ देने की दिशा में गंभीर है।
अखाड़ों में क्या-क्या होगा? पूर्ण सुविधाओं वाला स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स
प्रस्ताव के अनुसार हर अखाड़े में निम्नलिखित निर्माण शामिल होगा—
चारदीवारी का निर्माण
ताकि अभ्यास के दौरान सुरक्षा बनी रहे और बाहरी व्यवधान कम हों।
शेडेड कुश्ती अखाड़ा
खिलाड़ी अब धूप, बारिश और मौसम की मार से बचे रहेंगे। सालभर अभ्यास सुचारू चलेगा।
खिलाड़ियों के लिए कमरे (चेंजिंग रूम/स्टोर रूम)
पहली बार ग्रामीण खिलाड़ियों को चेंजिंग रूम की सुविधा मिलेगी।
मजबूत फर्श + सुरक्षित मिट्टी/मैट का प्रावधान
खेल की गुणवत्ता में फर्क का यह सबसे बड़ा कारण होगा।
भविष्य में अन्य खेलों की सुविधाएँ जोड़ने का विकल्प
यानी ये परिसर सिर्फ कुश्ती नहीं, बल्कि अन्य खेलों के लिए भी अपग्रेड किए जा सकते हैं।
निविदा प्रक्रिया बहुत जल्द, निर्माण कार्य होगा तेज रफ्तार से
नोएडा प्राधिकरण ने स्पष्ट कर दिया है कि सभी औपचारिकताएँ पूरी होते ही परियोजना की निविदा (Tender) आमंत्रित की जाएगी। इसके बाद ठेकेदार का चयन कर कार्य को अतिशीघ्र शुरू किया जाएगा।
इससे साफ है कि प्राधिकरण इस परियोजना को लंबित नहीं रखना चाहता, बल्कि जल्द से जल्द ग्रामीण खिलाड़ियों को इन सुविधाओं का लाभ देना चाहता है।
ग्रामीण युवाओं और स्थानीय कोचों में उत्साह — “अब खेलेंगे, जीतेंगे, आगे बढ़ेंगे!”
इस घोषणा के बाद सफ़ाबाद, पर्थला और सोर्सा के खिलाड़ियों में खुशी की लहर है। स्थानीय कोचों और पूर्व पहलवानों ने कहा है कि—
“अब हमारे खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएँ मिलेंगी।”
“गांवों के युवा अब भी राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकते हैं।”
“कुश्ती जैसी परंपरा को आधुनिक ढंग से जीवित रखने का यह बेहतरीन अवसर है।”
गांव के बुज़ुर्गों ने भी कहा कि यह प्राधिकरण का स्वागत योग्य कदम है क्योंकि युवाओं में खेल के प्रति बढ़ती रुचि को देखना आज सबसे बड़ा निवेश है।
क्यों ज़रूरी था ग्रामीण क्षेत्रों में खेल-सुविधाओं का विकास?
नोएडा देश के सबसे तेज़ी से विकसित हो रहे जिलों में से एक है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र खेल-अवसंरचना में काफी पीछे थे।
अखाड़ों के निर्माण से—
गांवों की प्रतिभा को पहचान मिलेगी
युवाओं को गलत रास्तों से दूर रखने में खेल अहम भूमिका निभाएगा
राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी गांवों से निकल सकेंगे
गांवों में नई आर्थिक गतिविधियाँ भी बढ़ेंगी
खेल संस्कृति का विस्तार होगा
कुश्ती भारत की मिट्टी से जुड़ा खेल है, और इन अखाड़ों के जरिए प्राधिकरण ने ग्रामीण विरासत को सहेजने का काम किया है।
तीनों गांवों के लिए विकास रोडमैप तैयार, भविष्य में और भी योजनाएँ
सूत्रों के अनुसार प्राधिकरण आगे भी ग्रामीण क्षेत्रों में
ओपन जिम
मल्टी-स्पोर्ट कोर्ट
रनिंग ट्रैक
इंडोर हॉल
जैसी सुविधाएँ विकसित कर सकता है।
अखाड़ों का निर्माण इस बड़े गेम-चेंजर प्लान का पहला चरण है।



