NIET College News : “अब सिर्फ डिग्री नहीं, सीधे साइबर सिक्योरिटी की दुनिया में एंट्री!”, एनआईईटी ग्रेटर नोएडा ने खोला हाईटेक CompTIA सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, छात्रों को मिलेगा ग्लोबल आईटी करियर का ‘फास्ट ट्रैक पास’, डॉ. विनोद एम. काप्से बोले “भविष्य की टेक इंडस्ट्री के लिए तैयार होंगे छात्र”
साइबर सिक्योरिटी, आईटी स्किल्स और ग्लोबल सर्टिफिकेशन की दिशा में NIET का बड़ा कदम, इंडस्ट्री बोले—“अब ग्रेटर नोएडा बन रहा टेक टैलेंट का नया हब”

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया, बढ़ते साइबर हमले और आईटी सेक्टर में लगातार बढ़ती स्किल्ड प्रोफेशनल्स की मांग के बीच ग्रेटर नोएडा का शैक्षणिक परिदृश्य एक बार फिर सुर्खियों में है। नोएडा इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (एनआईईटी), ग्रेटर नोएडा ने छात्रों को भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक बड़ा और रणनीतिक कदम उठाते हुए अपने अत्याधुनिक “CompTIA सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE)” का उद्घाटन किया है। यह सेंटर न केवल छात्रों को इंडस्ट्री-रेडी बनाएगा, बल्कि उन्हें साइबर सिक्योरिटी और आईटी सेक्टर में वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
“क्लासरूम से सीधे कॉर्पोरेट तक” — अब किताबों के साथ मिलेगा रियल वर्ल्ड टेक एक्सपीरियंस
एनआईईटी की यह नई पहल केवल एक लैब या ट्रेनिंग सेंटर नहीं, बल्कि छात्रों के लिए एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनकर उभरेगी जहां वे तकनीकी शिक्षा को केवल सैद्धांतिक रूप में नहीं, बल्कि वास्तविक दुनिया के अनुभव के साथ सीख सकेंगे। CompTIA सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के जरिए छात्रों को उद्योग-आधारित प्रशिक्षण, साइबर सिक्योरिटी टूल्स, नेटवर्किंग सिस्टम, आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्लोबल स्टैंडर्ड सर्टिफिकेशन की तैयारी कराई जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में साइबर सिक्योरिटी दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते सेक्टरों में शामिल होगी। ऐसे में NIET का यह कदम छात्रों को न केवल भारत बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिस्पर्धी बनाएगा।
आखिर क्या है CompTIA और क्यों है यह इतना खास?
CompTIA दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित आईटी और साइबर सिक्योरिटी सर्टिफिकेशन संस्थाओं में गिनी जाती है। इसके सर्टिफिकेशन को अमेरिका, यूरोप, एशिया समेत दुनिया के बड़े टेक संगठनों में मान्यता प्राप्त है।
एनआईईटी के इस सेंटर में छात्रों को उन स्किल्स पर काम कराया जाएगा जिनकी मांग आज बड़ी टेक कंपनियों, मल्टीनेशनल कंपनियों और सरकारी एजेंसियों तक में तेजी से बढ़ रही है। इस पहल के तहत छात्रों को— साइबर सिक्योरिटी स्किल्स, नेटवर्क सिक्योरिटी, क्लाउड टेक्नोलॉजी
आईटी सपोर्ट सिस्टम, एथिकल हैकिंग की बेसिक समझ, इंडस्ट्री-स्टैंडर्ड सर्टिफिकेशन तैयारी जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
“डिग्री के साथ स्किल भी जरूरी” — रोजगार क्षमता बढ़ाने पर फोकस
आज के दौर में केवल इंजीनियरिंग की डिग्री पर्याप्त नहीं मानी जाती। कंपनियां अब ऐसे युवाओं की तलाश में हैं जिनके पास तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल भी हो। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए NIET ने CompTIA सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को रोजगार-उन्मुख मॉडल पर विकसित किया है।
डॉ. विनोद एम. काप्से बोले — “भविष्य की टेक इंडस्ट्री के लिए तैयार होंगे छात्र”
इस अवसर पर एनआईईटी के निदेशक डॉ. विनोद एम. काप्से ने कहा कि CompTIA सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना संस्थान की उस सोच का हिस्सा है, जिसके तहत छात्रों को केवल डिग्री नहीं बल्कि करियर-रेडी स्किल्स प्रदान करना प्राथमिकता है। उन्होंने कहा— “एनआईईटी में हमारा उद्देश्य शिक्षा को वैश्विक उद्योग मानकों के अनुरूप बनाना है। यह सेंटर छात्रों को ऐसे तकनीकी कौशल विकसित करने में मदद करेगा, जो सीधे रोजगार और करियर अवसरों में परिवर्तित हो सकें।” उन्होंने यह भी कहा कि तकनीकी दुनिया तेजी से बदल रही है और ऐसे समय में छात्रों को आधुनिक आईटी एवं साइबर सुरक्षा कौशल से लैस करना बेहद आवश्यक हो गया है।
ग्रेटर नोएडा बन रहा एजुकेशन और टेक्नोलॉजी हब
पिछले कुछ वर्षों में ग्रेटर नोएडा ने शिक्षा और टेक्नोलॉजी सेक्टर में तेजी से अपनी पहचान मजबूत की है। बड़ी यूनिवर्सिटीज, इंजीनियरिंग संस्थान और आईटी कंपनियों की बढ़ती मौजूदगी ने इस क्षेत्र को नया आयाम दिया है।
अब NIET जैसी संस्थाओं की उद्योग-आधारित पहलें यह साबित कर रही हैं कि ग्रेटर नोएडा केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि भविष्य के टेक प्रोफेशनल्स तैयार करने का बड़ा प्लेटफॉर्म बनता जा रहा है।
छात्रों में उत्साह, करियर को लेकर बढ़ी उम्मीदें
CompTIA सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के उद्घाटन के बाद छात्रों में खासा उत्साह देखने को मिला। कई छात्रों का कहना है कि अब उन्हें कॉलेज के भीतर ही ग्लोबल लेवल की स्किल ट्रेनिंग और सर्टिफिकेशन की तैयारी का अवसर मिलेगा, जिससे उनका करियर मजबूत होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह के इंडस्ट्री-केंद्रित मॉडल को लगातार बढ़ावा मिला, तो आने वाले वर्षों में भारत साइबर सिक्योरिटी और आईटी स्किल्स के क्षेत्र में दुनिया का सबसे बड़ा टैलेंट पूल बन सकता है।



