Police Breaking News : अब ‘अपराजेय’ बनेगा गौतमबुद्धनगर!, 1645 दिव्यांग बच्चों की सुरक्षा का जिम्मा उठाएगी पुलिस, हर 15 दिन होगी कुशलक्षेम की जानकारी, केयर टेकर से लेकर स्वास्थ्य तक रहेगी विशेष निगरानी, हर 15 दिन पहुंचेगी महिला बीट अधिकारी, जानेंगी बच्चों का हाल, ‘नेबरहुड सिक्योरिटी प्लान’ से बढ़ेगी सुरक्षा

नोएडा, रफ़्तार टूडे। समाज के सबसे संवेदनशील और विशेष देखभाल की आवश्यकता वाले बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने एक अनूठी और मानवीय पहल की शुरुआत की है। “ऑपरेशन अपराजेय” नाम से शुरू किए जा रहे इस विशेष अभियान के तहत जिले के 1645 दिव्यांग और स्पेशल नीड बच्चों की नियमित निगरानी की जाएगी। बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, देखभाल और उनके साथ होने वाली किसी भी प्रकार की प्रतिकूल घटना को रोकने के उद्देश्य से पुलिस ने व्यापक कार्ययोजना तैयार की है।
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन और अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. राजीव नारायण मिश्र के पर्यवेक्षण में संचालित होने वाला यह अभियान जिले में दिव्यांग बच्चों और उनके परिवारों के लिए एक नई उम्मीद बनकर सामने आया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इन बच्चों के जीवन को अधिक सुरक्षित, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर बनाना भी है।
हर 15 दिन पहुंचेगी महिला बीट अधिकारी, जानेंगी बच्चों का हाल
ऑपरेशन अपराजेय के अंतर्गत पुलिस कमिश्नरेट के सभी थानों में स्थापित मिशन शक्ति केंद्रों के माध्यम से दिव्यांग बच्चों और उनके अभिभावकों का पूरा विवरण गोपनीय रूप से एकत्र किया जाएगा। इसके बाद संबंधित क्षेत्र की महिला बीट अधिकारी प्रत्येक 15 दिन के अंतराल पर बच्चों, उनके अभिभावकों और केयर टेकर से संपर्क करेंगी।
इस दौरान बच्चों के स्वास्थ्य, सुरक्षा, व्यवहार और अन्य आवश्यक जरूरतों के बारे में जानकारी ली जाएगी। यदि किसी प्रकार की समस्या या खतरे की स्थिति सामने आती है, तो तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। पुलिस का मानना है कि लगातार संवाद बनाए रखने से बच्चों और उनके परिवारों में सुरक्षा का विश्वास मजबूत होगा।
जरूरत पड़ने पर मिलेगा चिकित्सा सहयोग
इस विशेष अभियान के तहत बच्चों के स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता दी गई है। यदि किसी बच्चे को चिकित्सीय सहायता की आवश्यकता होती है, तो उसे निकटतम स्वास्थ्य केंद्रों और प्रशिक्षित अस्पतालों के माध्यम से उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
इसके साथ ही बच्चों और उनके परिवारों को डायल-112 तथा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 जैसी आपातकालीन सेवाओं के बारे में भी जागरूक किया जाएगा, ताकि किसी भी संकट की स्थिति में तत्काल सहायता प्राप्त की जा सके।
केयर टेकर का होगा चरित्र सत्यापन
ऑपरेशन अपराजेय का एक महत्वपूर्ण पहलू बच्चों की देखभाल करने वाले केयर टेकर की निगरानी भी है। पुलिस के अनुसार, प्रत्येक केयर टेकर का पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा और समय-समय पर उनका चरित्र सत्यापन भी कराया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चों की देखभाल करने वाले व्यक्ति विश्वसनीय और सुरक्षित हों। इससे बच्चों के साथ किसी प्रकार के शोषण या उत्पीड़न की आशंकाओं को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
‘नेबरहुड सिक्योरिटी प्लान’ से बढ़ेगी सुरक्षा
पुलिस केवल घर और परिवार तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि बच्चों के आसपास के वातावरण को भी सुरक्षित बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसके तहत “नेबरहुड सिक्योरिटी प्लान” तैयार किया जाएगा, जिसके माध्यम से स्थानीय स्तर पर ऐसे तंत्र विकसित किए जाएंगे जो बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करेंगे।
इस योजना के जरिए पड़ोस, स्कूल और समाज के लोगों को भी संवेदनशील बनाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के प्रति सहयोग और सुरक्षा का माहौल तैयार हो सके।
1645 बच्चों की हुई पहचान, लगातार रखी जाएगी नजर
अभियान के पहले चरण में पुलिस ने कमिश्नरेट क्षेत्र के 1645 स्पेशल नीड बच्चों को चिन्हित किया है। इन सभी बच्चों की नियमित निगरानी की जाएगी और समय-समय पर उनसे जुड़े आवश्यक पहलुओं की समीक्षा की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में इस संख्या में और वृद्धि हो सकती है, क्योंकि अभियान का दायरा लगातार बढ़ाया जाएगा।
मैक्स हॉस्पिटल और एमिटी यूनिवर्सिटी देंगे प्रशिक्षण
ऑपरेशन अपराजेय को प्रभावी बनाने के लिए महिला बीट अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसके लिए मैक्स हॉस्पिटल नोएडा और एमिटी यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञ पुलिसकर्मियों को व्यवहारिक और सॉफ्ट स्किल्स से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान करेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्पेशल नीड बच्चों के साथ संवाद और व्यवहार सामान्य बच्चों से अलग होता है। ऐसे में प्रशिक्षित पुलिसकर्मी उनकी समस्याओं को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे और आवश्यकता पड़ने पर उचित सहायता प्रदान कर पाएंगे।
हेल्पलाइन नंबर 8595902539 जारी
दिव्यांग बच्चों और उनके परिवारों की सहायता के लिए पुलिस कमिश्नरेट ने विशेष हेल्पलाइन नंबर 8595902539 भी जारी किया है। इस नंबर पर शिकायत, सुझाव या सहायता की मांग की जा सकती है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि प्राप्त होने वाली प्रत्येक शिकायत पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
संवेदनशील पुलिसिंग की मिसाल बनेगा ऑपरेशन अपराजेय
विशेषज्ञों का मानना है कि “ऑपरेशन अपराजेय” केवल एक पुलिस अभियान नहीं, बल्कि संवेदनशील और मानवीय पुलिसिंग की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे न केवल दिव्यांग बच्चों और उनके परिवारों को सुरक्षा का भरोसा मिलेगा, बल्कि समाज में उनके प्रति जागरूकता और सम्मान की भावना भी मजबूत होगी। इस अवसर पर डीसीपी सुनीति कुमारी, डीसीपी साद मियां खां और डीसीपी शैव्या गोयल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।



