Greater Noida Authority News : अब गांवों में नहीं बहेंगी सीवर की धाराएं, ग्रेटर नोएडा के चार गांवों को मिलेगी स्थायी राहत, दिसंबर 2026 तक पूरी होगी परियोजना, 5.37 करोड़ की लागत से होगा कार्य, CEO NG रवि कुमार के निर्देश से मिली रफ्तार

ग्रेटर नोएडा | रफ़्तार टुडे ब्यूरो
वर्षों से झेलते आ रहे थे ग्रामीण गंदे पानी की मार, अब मिलेगी स्थायी राहत
ग्रेटर नोएडा के अंतर्गत आने वाले सैनी, सुनपुरा, वैदपुरा और सादुल्लापुर गांव के हजारों निवासियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। इन गांवों को लंबे समय से सीवर ओवरफ्लो, बदबूदार जलभराव और स्वच्छता से जुड़ी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था।
लेकिन अब ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA) ने इस समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। चारों गांवों को मुख्य सीवर लाइन से जोड़ने की बहुप्रतीक्षित योजना पर काम विगत माह से शुरू हो चुका है, और इसे दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।
कैसे होगा समाधान? — मेन सीवर लाइन से जुड़ेगा गांव
प्राधिकरण द्वारा यह योजना 130 मीटर रोड से होकर गुजर रही मेन सीवर लाइन के साथ चारों गांवों की आंतरिक सीवर लाइन को जोड़ने के लिए बनाई गई है। इससे न सिर्फ सीवर की निकासी सुव्यवस्थित होगी, बल्कि गांवों की गलियों और मुख्य रास्तों पर बार-बार जलभराव की स्थिति से भी छुटकारा मिलेगा।
इस कार्य को परियोजना विभाग के वर्क सर्किल-2 के अंतर्गत किया जा रहा है।
5.37 करोड़ की लागत से होगा कार्य
वर्क सर्किल-2 के वरिष्ठ प्रबंधक श्री नरोत्तम सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि इस परियोजना की टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है और निर्माण कार्य शुरू हो चुका है।
पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग ₹5.37 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है, और यह प्राधिकरण के विकास फंड से पूरा किया जा रहा है। दिसंबर 2026 तक इसका कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।
CEO के निर्देश से मिली रफ्तार
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ श्री एन. जी. रवि कुमार ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए स्थायी समाधान के निर्देश दिए थे, जिसके बाद विभाग ने तुरंत योजना तैयार कर क्रियान्वयन शुरू कर दिया।
एसीईओ प्रेरणा सिंह का बयान — “यह सिर्फ सीवर नहीं, स्वच्छता और स्वास्थ्य का सवाल है”
प्राधिकरण की एसीईओ श्रीमती प्रेरणा सिंह ने कहा:
“सैनी, सुनपुरा, वैदपुरा और सादुल्लापुर की आंतरिक सीवर लाइन को मुख्य सीवर लाइन से जोड़ने से गांववासियों को बड़ी राहत मिलेगी।
इस परियोजना के पूरा होते ही ओवरफ्लो की समस्या समाप्त हो जाएगी, गलियों में गंदा पानी भरने की स्थिति नहीं रहेगी, और वातावरण भी स्वच्छ व स्वास्थ्यवर्धक बनेगा।”
स्वच्छता, स्वास्थ्य और विकास की ओर गांवों का नया कदम
ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बुनियादी ढांचे का विकास किसी भी शहरीकरण के मॉडल का मूल आधार होता है। इस परियोजना से यह स्पष्ट होता है कि प्राधिकरण केवल शहरी हब्स तक सीमित नहीं रहकर अब ग्राम्य जीवन की गुणवत्ता सुधारने के लिए भी सक्रिय हो रहा है।
यह परियोजना गांवों को शहरी सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे जनस्वास्थ्य, पर्यावरण संतुलन और सामाजिक गरिमा को नया संबल मिलेगा।
किसे मिलेगा सीधा लाभ?
- सैनी गांव: शहरी सीमा से लगा हुआ, बढ़ते निर्माण कार्यों के बीच जलभराव से जूझता इलाका।
- सुनपुरा गांव: तेजी से विकासशील, लेकिन वर्षों से सीवर निकासी की चुनौती।
- वैदपुरा गांव: बहुपरिवारिक रिहायशी क्षेत्र, जहां गंदे पानी से होने वाली बीमारियों की शिकायत आम थी।
- सादुल्लापुर गांव: आबादी घनी, पर आधारभूत सुविधाओं का अभाव — अब मिल रही है आशा की किरण।
निष्कर्ष: यह सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं, ग्रामीण गरिमा का सवाल है
प्राधिकरण की यह पहल स्पष्ट रूप से दिखाती है कि अब विकास का नक्शा केवल ऊँची इमारतों से नहीं बनेगा, बल्कि उन गांवों से होकर गुजरेगा जहां आज भी बुनियादी सुविधाओं की प्रतीक्षा की जा रही है।
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