Breaking News : जाम से जंग जीतने की तैयारी!, किसान चौक पर बन रहा NCR का सबसे विशाल अंडरपास, गौड़ सिटी सेंटर से एयरपोर्ट तक सफर होगा सुपरफास्ट, लाखों लोगों को मिलने जा रही बड़ी राहत, रवि कुमार एनजी के नेतृत्व में रिकॉर्ड समय में अंतिम चरण तक पहुंचा प्रोजेक्ट, 720 मीटर लंबा और 7 करोड़ रुपये की विशेष कैनोपी बनाएगी इसे और सुरक्षित

ग्रेटर नोएडा वेस्ट, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लाखों निवासियों के लिए लंबे समय से इंतजार की जा रही खुशखबरी अब हकीकत में बदलने के करीब है। शहर के सबसे व्यस्त और ट्रैफिक से जूझने वाले चौराहों में शुमार किसान चौक (गौड़ सिटी सेंटर चौराहा) पर बन रहा बहुउद्देशीय अंडरपास अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। करीब 720 मीटर लंबा और सात लेन चौड़ा यह अत्याधुनिक अंडरपास न केवल ग्रेटर नोएडा वेस्ट बल्कि पूरे एनसीआर की यातायात व्यवस्था की तस्वीर बदलने वाला साबित होगा। इसे एनसीआर का सबसे बड़ा और आधुनिक अंडरपास माना जा रहा है, जो आने वाले समय में लाखों यात्रियों के लिए राहत का नया द्वार खोलेगा।
जिस चौराहे पर घंटों लगता था जाम, वहां अब मिलेगी बिना ब्रेक की रफ्तार
ग्रेटर नोएडा वेस्ट का किसान चौक पिछले कई वर्षों से ट्रैफिक दबाव का सबसे बड़ा केंद्र रहा है। सुबह और शाम के व्यस्त समय में यहां वाहनों की लंबी कतारें आम बात बन चुकी थीं। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और एनएच-9 से आने-जाने वाले हजारों वाहन रोजाना इस चौराहे से गुजरते हैं, जिसके कारण अक्सर लोगों को घंटों जाम का सामना करना पड़ता था। अब करीब 82 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा यह विशाल अंडरपास इस समस्या का स्थायी समाधान बनने जा रहा है। इसके चालू होने के बाद यातायात का दबाव काफी हद तक कम होगा और लोगों को बिना रुकावट के सफर का अनुभव मिलेगा।
रवि कुमार एनजी के नेतृत्व में रिकॉर्ड समय में अंतिम चरण तक पहुंचा प्रोजेक्ट
अप्रैल 2025 में शुरू हुई इस महत्वाकांक्षी परियोजना को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) रवि कुमार एनजी के नेतृत्व में तेजी से आगे बढ़ाया गया। प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि रिकॉर्ड समय में इस विशाल परियोजना को अंतिम चरण तक पहुंचाया गया है और अब इसका अधिकांश निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। प्राधिकरण की प्राथमिकता रही है कि शहर की बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या को देखते हुए ऐसी परियोजनाएं विकसित की जाएं, जो भविष्य की जरूरतों को भी पूरा कर सकें।
बारिश में भी नहीं डूबेगा अंडरपास, लगाई जा रही आधुनिक तकनीक
अक्सर बड़े अंडरपास में जलभराव की समस्या सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है, लेकिन किसान चौक अंडरपास में इस समस्या को ध्यान में रखते हुए अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया है। दोनों ओर पांच-पांच फीट गहरे संपवेल तैयार किए गए हैं। इनमें जैसे ही ढाई फीट तक पानी भरता है, स्वचालित पंप सक्रिय होकर पानी की निकासी शुरू कर देंगे। इससे बारिश के मौसम में भी अंडरपास में जलभराव की स्थिति उत्पन्न नहीं होगी और यातायात सुचारु रूप से चलता रहेगा।
7 करोड़ रुपये की विशेष कैनोपी बनाएगी इसे और सुरक्षित
इस परियोजना को और अधिक सुरक्षित और मौसम प्रतिरोधी बनाने के लिए लगभग 7 करोड़ रुपये की लागत से विशेष कैनोपी भी लगाई जा रही है। इसके लिए आवश्यक सामग्री मेरठ से पहुंच चुकी है और जल्द ही स्थापना का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। यह कैनोपी तेज बारिश, धूल और अन्य मौसम संबंधी चुनौतियों से अंडरपास की सुरक्षा करेगी और इसकी आयु भी बढ़ाएगी।

तीन-तीन लेन में दौड़ेंगे वाहन, दुर्घटनाओं में भी आएगी कमी
अंडरपास की दोनों दिशाओं में लगभग 13-13 मीटर चौड़ी सड़कें बनाई गई हैं। इनमें तीन-तीन लेन होंगी, जिससे एक साथ बड़ी संख्या में वाहन आसानी से गुजर सकेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल यातायात की गति बढ़ेगी बल्कि सड़क दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी। व्यवस्थित ट्रैफिक मूवमेंट से लोगों का समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।
एयरपोर्ट जाने वालों के लिए बनेगा वरदान
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने के साथ इस अंडरपास का महत्व और बढ़ जाएगा। इसके शुरू होने के बाद एनएच-9 से आने वाले यात्रियों को गौतमबुद्ध नगर जिला मुख्यालय, यमुना एक्सप्रेसवे और जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक तेज और निर्बाध कनेक्टिविटी मिलेगी। ग्रेटर नोएडा वेस्ट, नोएडा और गाजियाबाद के लाखों लोग एयरपोर्ट तक कम समय में पहुंच सकेंगे। इससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
जुलाई 2026 तक जनता को मिल सकती है सौगात
प्राधिकरण के अधिकारियों को उम्मीद है कि जुलाई 2026 तक इस महत्वाकांक्षी परियोजना को आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इसके शुरू होते ही किसान चौक की पहचान जाम वाले चौराहे से बदलकर हाई-स्पीड ट्रैफिक कॉरिडोर के रूप में होने लगेगी।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की बदलती तस्वीर
तेजी से विकसित हो रहे ग्रेटर नोएडा वेस्ट में मेट्रो, एलिवेटेड रोड, अंडरपास और एयरपोर्ट कनेक्टिविटी जैसी परियोजनाएं इस क्षेत्र को देश के सबसे आधुनिक शहरी क्षेत्रों में शामिल करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा रही हैं। किसान चौक अंडरपास भी इसी परिवर्तन का एक महत्वपूर्ण अध्याय माना जा रहा है।



