Uncategorized

GD Goenka Public School : "ज्ञान की ओर एक कदम और!, जीडी गोयनका स्कूल के नन्हे विद्वानों का वेदवन भ्रमण बना प्रेरणादायक अनुभव", पारंपरिक विरासत से हुई नई पीढ़ी की मुलाकात, ऋषियों के ज्ञान ने बच्चों को किया अभिभूत


ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे।
वर्तमान शिक्षा प्रणाली में किताबों से आगे बढ़कर अनुभव आधारित ज्ञान को बढ़ावा देने की पहल के तहत जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल, ग्रेटर नोएडा (पेर नोएडा कैम्पस) ने एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया। इस भ्रमण में प्री-प्राइमरी विंग (कक्षा 1 एवं 2) के नन्हे छात्रों को नोएडा के प्रतिष्ठित “वेदवन पार्क” की यात्रा पर ले जाया गया।

यह पार्क महज एक हरित उद्यान नहीं बल्कि भारतीय ऋषि परंपरा और वैदिक संस्कृति का जीवंत संग्रहालय है, जिसे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा राष्ट्र को समर्पित किया गया था। भ्रमण का मुख्य उद्देश्य था – बच्चों को वेदों, ऋषियों और भारतीय सनातन ज्ञान परंपरा से परिचित कराना।


ऋषियों के नाम पर बने जोन, हर कोने में बसी भारतीय संस्कृति की छाप

वेदवन पार्क में जैसे ही छात्रों ने प्रवेश किया, उन्हें लगा मानो वे हजारों वर्ष पीछे ऋषि युग में पहुंच गए हों। पार्क को सप्तऋषियों – ऋषि अत्रि, ऋषि भारद्वाज, ऋषि गौतम, ऋषि जमदग्नि, ऋषि वशिष्ठ, ऋषि विश्वामित्र और ऋषि अगस्त्य के नाम पर विभाजित किया गया है।

हर जोन में उन ऋषियों के जीवन, साधना, उपदेश और योगदान को दीवारों और मूर्तियों के माध्यम से खूबसूरती से दर्शाया गया था। इन जोन को देखने के दौरान छात्रों ने न केवल ऐतिहासिक जानकारी प्राप्त की, बल्कि भारतीय सभ्यता की गहराई को महसूस किया।


30 फीट ऊंची ऋषि अगस्त्य प्रतिमा बनी आकर्षण का केंद्र

पार्क के मध्य में स्थित ऋषि अगस्त्य की 30 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा छात्रों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही। बच्चों ने बड़े ध्यान से इस मूर्ति का अवलोकन किया और उनके बारे में सुनकर जिज्ञासा से भर उठे।

शिक्षकों ने उन्हें बताया कि ऋषि अगस्त्य ने दक्षिण भारत में वैदिक संस्कृति का प्रचार-प्रसार किया था और वह अत्यंत विद्वान माने जाते हैं। बच्चों ने इस ज्ञान को बेहद उत्साहपूर्वक आत्मसात किया।


ज्ञान और संस्कार का संपूर्ण संगम रहा भ्रमण

भ्रमण के दौरान शिक्षकों ने छात्रों को वेदों के महत्व, ऋषियों की तपस्या, जीवनशैली और उनके समाज में योगदान की जानकारी चित्रों, मूर्तियों और संवादों के जरिए दी। इस तरह की इंटरएक्टिव शिक्षा बच्चों को विषय को समझने में और अधिक प्रभावशाली होती है।

“सिर्फ किताबों से नहीं, ज़मीन पर चलकर सीखना ही सच्चा ज्ञान है,” – ये बात इस भ्रमण में बच्चों के उत्साह ने सिद्ध कर दी।

JPEG 20250723 125305 5505319133147175963 converted
जीडी गोयनका स्कूल के नन्हे विद्वानों का वेदवन भ्रमण बना प्रेरणादायक अनुभव

प्रधानाचार्या डॉ. रेणु सहगल से मिले बच्चे, साझा किया अनुभव

वापस स्कूल लौटकर बच्चों ने अपने अनुभवों को विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. रेणु सहगल के साथ साझा किया। डॉ. सहगल ने इस पहल की सराहना की और बच्चों को बताया कि वेदवन पार्क सिर्फ एक पर्यटन स्थल नहीं बल्कि आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संजोने का माध्यम है।

उन्होंने छात्रों से कहा –

जिस देश की जड़ें वेदों में हों, वहां की युवा पीढ़ी को उनका ज्ञान जरूर होना चाहिए। वेदवन उसी दिशा में एक सशक्त प्रयास है।


नन्हें कदमों से भविष्य की ओर, परंपरा से प्रेरणा लेकर

शैक्षणिक भ्रमण केवल मनोरंजन नहीं होता, यह जीवन को दिशा देने वाली घटनाओं में से एक हो सकता है। जीडी गोयनका स्कूल के छात्रों का यह वेदवन भ्रमण निस्संदेह उनकी स्मृतियों में संस्कार और प्रेरणा की गहरी छाप छोड़ गया।

स्कूल प्रशासन ने आगे भी इस प्रकार के शैक्षणिक और सांस्कृतिक भ्रमण जारी रखने का संकल्प लिया है, ताकि बच्चों को भारतीय ज्ञान परंपरा और मूल्यों से जोड़कर एक सशक्त नागरिक बनाया जा सके।


संस्कृति, शिक्षा और अनुभव – इन तीनों की संगम भूमि बना वेदवन भ्रमण

यह भ्रमण बच्चों के लिए केवल एक आउटिंग नहीं बल्कि सांस्कृतिक आत्मबोध और ऐतिहासिक जानकारी का जीवंत उदाहरण था। जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल ने यह साबित कर दिया कि अगर शिक्षा को सही तरीके से प्रस्तुत किया जाए, तो वह बचपन में ही चरित्र निर्माण का बीज बो सकती है।


🛑 Raftar Today व्हाट्सएप चैनल से जुड़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक को टच करें।
Follow the Raftar Today channel on WhatsApp

Twitter (X): Raftar Today (@raftartoday)


#GDGoenkaNews #VedicParkTour #EducationalTrip #CulturalLearning #IndianHeritage #YogiAdityanathInitiative #NoidaNews #VedicWisdomForKids #RaftarToday #GreaterNoidaEducation #VedicLegacy #StudentExcursion #ModernSchoolAncientValues

रफ़्तार टुडे की न्यूज़
Raftar Today
Raftar Today

Related Articles

Back to top button