Yatharth Hospital News : “अब बड़े शहर नहीं, गांव-कस्बों तक पहुंचेगी सुपर स्पेशलिटी हेल्थकेयर!”, यथार्थ हॉस्पिटल की नई ‘सैटेलाइट क्लिनिक’ पहल से दूर बैठे मरीजों को मिलेगा दिल्ली-NCR के डॉक्टरों का इलाज, “तकनीक आधारित स्वास्थ्य सेवा का नया युग” — डॉ. सुनील कुमार बलियान
“इलाज को मरीज के दरवाजे तक पहुंचाना हमारा लक्ष्य” — अमित सिंह, डिजिटल हेल्थ इंडिया की दिशा में बड़ा कदम

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे।स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में तेजी से बदलती तकनीक और बढ़ती जरूरतों के बीच ग्रेटर नोएडा स्थित यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल ने एक ऐसी पहल की शुरुआत की है, जो आने वाले समय में ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों की हेल्थकेयर व्यवस्था की तस्वीर बदल सकती है। अब मरीजों को विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह लेने के लिए बड़े शहरों की लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी, क्योंकि यथार्थ हॉस्पिटल ने “सैटेलाइट क्लिनिक” मॉडल लॉन्च कर स्वास्थ्य सेवाओं को सीधे लोगों के करीब पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
ओमेगा-1, परी चौक स्थित यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल परिसर में एक अत्याधुनिक डिजिटल कमांड सेंटर का शुभारंभ किया गया, जिसके माध्यम से उत्तर प्रदेश के फ़र्रूख़ाबाद में पहली सैटेलाइट क्लिनिक सेवा शुरू की गई है। इस पहल को स्वास्थ्य क्षेत्र में तकनीक आधारित क्रांतिकारी बदलाव माना जा रहा है।
अब छोटे शहरों में बैठे मरीजों को मिलेगा बड़े डॉक्टरों का साथ
यथार्थ हॉस्पिटल की इस नई व्यवस्था के तहत फ़र्रूख़ाबाद और भविष्य में अन्य दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले मरीज अब अपने ही शहर में बैठकर ग्रेटर नोएडा के सुपर स्पेशलिटी डॉक्टरों से सीधे जुड़ सकेंगे। इसके लिए मरीजों को दिल्ली, नोएडा या बड़े मेडिकल शहरों की भागदौड़ नहीं करनी होगी।
डिजिटल कमांड सेंटर के माध्यम से मरीजों को ऑनलाइन कंसल्टेशन, सेकेंड ओपिनियन, रेगुलर फॉलो-अप और विशेषज्ञ सलाह जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यह मॉडल खासतौर पर उन मरीजों के लिए राहत लेकर आया है, जो आर्थिक, भौगोलिक या स्वास्थ्य कारणों से बड़े शहरों तक यात्रा करने में असमर्थ रहते हैं।
सांसद मुकेश राजपूत ने किया शुभारंभ, लोगों में दिखा उत्साह
फ़र्रूख़ाबाद स्थित यथार्थ की पहली सैटेलाइट क्लिनिक सेवा का उद्घाटन क्षेत्र के सांसद मुकेश राजपूत द्वारा किया गया। उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोगों और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला।
लोगों का कहना है कि अब तक गंभीर बीमारी या विशेषज्ञ इलाज के लिए बड़े शहरों के अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन इस पहल से स्थानीय स्तर पर ही बेहतर चिकित्सा सलाह उपलब्ध हो सकेगी।
अत्याधुनिक तकनीक से लैस होगा पूरा नेटवर्क
यथार्थ हॉस्पिटल द्वारा स्थापित कमांड सेंटर को आधुनिक डिजिटल हेल्थ टेक्नोलॉजी से लैस किया गया है। इस सिस्टम के जरिए—मरीजों की ऑनलाइन स्क्रीनिंग, रियल टाइम वीडियो कंसल्टेशन, मेडिकल रिपोर्ट शेयरिंग, डिजिटल प्रिस्क्रिप्शन, विशेषज्ञ राय, उपचार संबंधी फॉलो-अप
जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
इससे मरीजों को इलाज में तेजी और सटीकता दोनों मिलेंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मॉडल भविष्य में भारत की हेल्थकेयर प्रणाली को नई दिशा दे सकता है।

“इलाज को मरीज के दरवाजे तक पहुंचाना हमारा लक्ष्य” — अमित सिंह
इस अवसर पर यथार्थ हॉस्पिटल के ग्रुप सीईओ अमित सिंह ने कहा कि अस्पताल का उद्देश्य केवल इलाज करना नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को हर व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा— “फ़र्रूख़ाबाद के लोगों को इस नई सुविधा के लिए बधाई। हम चाहते हैं कि मरीजों को उनके घर के नजदीक ही सुपर स्पेशलिटी डॉक्टरों का मार्गदर्शन और सही चिकित्सा सलाह मिल सके। कमांड सेंटर और सैटेलाइट क्लिनिक मॉडल के माध्यम से हम उन क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचा रहे हैं, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता सीमित है।”
“तकनीक आधारित स्वास्थ्य सेवा का नया युग” — डॉ. सुनील कुमार बलियान
यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के सीओओ एवं फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ. सुनील कुमार बलियान ने कहा कि यह पहल केवल तकनीकी विस्तार नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा है। उन्होंने कहा— “हमारा लक्ष्य है कि हर व्यक्ति को समय पर सही इलाज, विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उसके अपने शहर के करीब मिल सकें। सैटेलाइट क्लिनिक मॉडल मरीजों के समय, पैसे और मानसिक परेशानी तीनों को कम करेगा।”
उन्होंने बताया कि इस सेवा के माध्यम से मरीजों को बार-बार बड़े शहरों के अस्पतालों में आने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुलभ और किफायती बनेंगी।
ग्रामीण और छोटे शहरों के लिए बन सकता है गेमचेंजर
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि भारत जैसे विशाल देश में जहां आज भी ग्रामीण और छोटे शहरों में सुपर स्पेशलिटी चिकित्सा सुविधाओं की कमी है, वहां इस प्रकार का मॉडल बेहद प्रभावी साबित हो सकता है।
विशेष रूप से— बुजुर्ग मरीज, गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोग, आर्थिक रूप से कमजोर परिवार, नियमित फॉलो-अप वाले मरीज इससे सबसे अधिक लाभान्वित होंगे।
डिजिटल हेल्थ इंडिया की दिशा में बड़ा कदम
यथार्थ हॉस्पिटल की यह पहल केंद्र और राज्य सरकार की डिजिटल हेल्थ और हेल्थकेयर एक्सेसिबिलिटी नीति को भी मजबूती देती नजर आ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस मॉडल को बड़े स्तर पर लागू किया गया, तो आने वाले वर्षों में ग्रामीण भारत की चिकित्सा व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।



