Dadri To Greater Noida Palla RoB: दादरी से ग्रेटर नोएडा का सफर होगा आसान, पल्ला रेलवे क्रॉसिंग पर बनेगा 6 लेन का आरओबी, 194 करोड़ रुपये होंगे खर्च, बोड़ाकी के मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब से जुड़ेगा क्षेत्र, दादरी और ग्रेटर नोएडा के बीच घटेगा ट्रैफिक दबाव, प्राधिकरण CEO एनजी रवि कुमार के प्रयासों से छह लेन को मिली मंजूरी
परियोजना को छह लेन में कराने की दिशा में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ और IITGNL के एमडी एनजी रवि कुमार की ओर से प्रयास किए जाने की जानकारी सामने आई है। परियोजना की भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इसे चार के बजाय छह लेन में विकसित करने का प्रस्ताव आगे बढ़ाया गया। छह लेन की मंजूरी मिलने से अब यह आरओबी मौजूदा यातायात के साथ-साथ आने वाले वर्षों की जरूरतों को भी ध्यान में रखकर तैयार किया जा सकेगा।

दादरी/ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। दादरी और ग्रेटर नोएडा के बीच रोजाना सफर करने वाले हजारों वाहन चालकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। पल्ला के पास रेलवे क्रॉसिंग पर प्रस्तावित रेल ओवर ब्रिज (ROB) अब चार लेन के बजाय छह लेन का बनाया जाएगा। इसके लिए छह लेन निर्माण को मंजूरी मिलने के बाद परियोजना का दायरा बढ़ गया है। करीब 194 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाला यह आरओबी बोड़ाकी के पास विकसित किए जा रहे मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब (MMTH) को बेहतर कनेक्टिविटी देने के साथ दादरी और ग्रेटर नोएडा के बीच यातायात व्यवस्था को भी मजबूत करेगा।
अधिकारियों के मुताबिक इस परियोजना को अगले करीब डेढ़ वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। आरओबी के छह लेन में बनने से भविष्य में बढ़ने वाले यातायात को देखते हुए भी पर्याप्त क्षमता उपलब्ध होगी। खासतौर पर बोड़ाकी क्षेत्र में विकसित हो रहे बड़े परिवहन और औद्योगिक ढांचे को देखते हुए इस परियोजना को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
चार लेन की जगह अब छह लेन का बनेगा आरओबी
पल्ला रेलवे क्रॉसिंग पर प्रस्तावित आरओबी को पहले चार लेन में बनाए जाने की योजना थी। हालांकि क्षेत्र में लगातार बढ़ रही यातायात जरूरतों और भविष्य में प्रस्तावित मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब से बढ़ने वाले वाहनों को देखते हुए इसे छह लेन करने का प्रस्ताव आगे बढ़ाया गया। अब छह लेन के निर्माण की मंजूरी मिलने के बाद परियोजना को अधिक क्षमता वाले परिवहन ढांचे के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे दादरी की ओर से ग्रेटर नोएडा आने-जाने वाले लोगों को रेलवे क्रॉसिंग पर रुकने की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। रेलवे फाटक बंद होने के दौरान वाहनों की लंबी कतार लगने से यातायात प्रभावित होता है। आरओबी बनने के बाद वाहनों को रेलवे लाइन के ऊपर से निर्बाध आवागमन की सुविधा मिलेगी।
194 करोड़ रुपये की लागत से होगा निर्माण
इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर करीब 194 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। परियोजना के वित्तपोषण में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और डीएफसी की भूमिका तय की गई है। जानकारी के अनुसार ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से करीब 75 करोड़ रुपये का योगदान दिया जा रहा है, जबकि शेष धनराशि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) से संबंधित व्यवस्था के तहत वहन की जाएगी।
परियोजना को छह लेन में करने के निर्णय से भविष्य की यातायात जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बुनियादी ढांचे को तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि मौजूदा और प्रस्तावित विकास को देखते हुए आरओबी की क्षमता पर्याप्त रखना जरूरी है, ताकि कुछ वर्षों बाद फिर से सड़क चौड़ीकरण या अतिरिक्त संरचना की जरूरत न पड़े।
बोड़ाकी के मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब से जुड़ेगा क्षेत्र
पल्ला आरओबी की सबसे बड़ी खासियत इसकी मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब से कनेक्टिविटी होगी। बोड़ाकी के पास इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप ग्रेटर नोएडा लिमिटेड (IITGNL) की ओर से एक बड़ा मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य सड़क, रेल और अन्य परिवहन माध्यमों को एकीकृत कर यात्रियों और माल की आवाजाही को अधिक सुगम बनाना है। बोड़ाकी क्षेत्र में विकसित हो रहा यह ट्रांसपोर्ट हब भविष्य में ग्रेटर नोएडा के प्रमुख परिवहन केंद्रों में शामिल हो सकता है। ऐसे में पल्ला आरओबी की सीधी और बेहतर कनेक्टिविटी इस पूरे नेटवर्क के लिए महत्वपूर्ण होगी।
आरओबी के माध्यम से भारी वाणिज्यिक वाहनों के साथ यात्री वाहनों को भी सुगम रास्ता मिलेगा। इससे आसपास की सड़कों पर दबाव कम करने और ट्रैफिक फ्लो को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
बोड़ाकी रेलवे स्टेशन को भी मिल रहा नया स्वरूप
बोड़ाकी क्षेत्र में केवल आरओबी ही नहीं, बल्कि रेलवे से जुड़ी सुविधाओं को भी बड़े स्तर पर विकसित करने की योजना पर काम हो रहा है। बोड़ाकी रेलवे स्टेशन और आसपास के क्षेत्र को मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब से जोड़ने की दिशा में विभिन्न परियोजनाएं आगे बढ़ रही हैं। बोड़ाकी क्षेत्र को भविष्य के बड़े परिवहन केंद्र के रूप में विकसित किए जाने की योजना है। ऐसे में सड़क और रेल कनेक्टिविटी के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना आवश्यक है। पल्ला आरओबी इसी कड़ी का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
दादरी और ग्रेटर नोएडा के बीच घटेगा ट्रैफिक दबाव
दादरी से ग्रेटर नोएडा और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग रोजाना आवागमन करते हैं। इसके अलावा क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयों, आवासीय परियोजनाओं और परिवहन सुविधाओं के विस्तार के कारण आने वाले वर्षों में वाहनों की संख्या और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में पल्ला रेलवे क्रॉसिंग पर आरओबी का निर्माण स्थानीय यातायात व्यवस्था के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। रेलवे फाटक पर बार-बार रुकने के बजाय वाहन सीधे आरओबी के जरिए आगे निकल सकेंगे। इससे यात्रा का समय बचने के साथ ईंधन की खपत और अनावश्यक जाम में खड़े रहने से होने वाले प्रदूषण को भी कम करने में मदद मिल सकती है।
औद्योगिक गतिविधियों को मिलेगी नई रफ्तार
बोड़ाकी और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में औद्योगिक विकास तेजी से हो रहा है। इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप और मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब जैसी परियोजनाओं के कारण इस क्षेत्र में माल ढुलाई और यात्री आवागमन दोनों बढ़ने की संभावना है। आरओबी के निर्माण से औद्योगिक इकाइयों तक पहुंच और माल परिवहन की व्यवस्था बेहतर होगी। इससे लॉजिस्टिक्स सेक्टर को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। ट्रांसपोर्ट हब और औद्योगिक क्षेत्र के बीच सुगम कनेक्टिविटी निवेशकों के लिए भी सकारात्मक संकेत मानी जा सकती है।
एनजी रवि कुमार के प्रयासों से छह लेन को मिली मंजूरी
परियोजना को छह लेन में कराने की दिशा में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ और IITGNL के एमडी एनजी रवि कुमार की ओर से प्रयास किए जाने की जानकारी सामने आई है। परियोजना की भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इसे चार के बजाय छह लेन में विकसित करने का प्रस्ताव आगे बढ़ाया गया। छह लेन की मंजूरी मिलने से अब यह आरओबी मौजूदा यातायात के साथ-साथ आने वाले वर्षों की जरूरतों को भी ध्यान में रखकर तैयार किया जा सकेगा। यही कारण है कि इसे केवल रेलवे क्रॉसिंग पर जाम खत्म करने वाली परियोजना के बजाय क्षेत्र के व्यापक ट्रांसपोर्ट नेटवर्क का हिस्सा माना जा रहा है।
डेढ़ साल में पूरा करने का लक्ष्य
अधिकारियों के मुताबिक परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने की तैयारी है और करीब डेढ़ वर्ष के भीतर आरओबी का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण पूरा होने के बाद दादरी, पल्ला, बोड़ाकी और ग्रेटर नोएडा के बीच कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है। कुल मिलाकर पल्ला का छह लेन आरओबी दादरी और ग्रेटर नोएडा के बीच आवागमन को आसान बनाने के साथ बोड़ाकी के मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब को मजबूत कनेक्टिविटी देगा। 194 करोड़ रुपये की यह परियोजना आने वाले वर्षों में बढ़ने वाले यातायात, औद्योगिक गतिविधियों और परिवहन जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है। यदि परियोजना निर्धारित समयसीमा में पूरी होती है तो रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले जाम से राहत के साथ पूरे क्षेत्र के आर्थिक और औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।



