Breaking News : उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में बड़ा बदलाव! 36 पीसीएस अफसरों की मेहनत रंग लाई, YEIDA के ओएसडी शैलेन्द्र भटिया, मेरठ मंडल के अपर आयुक्त अमित सिंह समेत कई अधिकारी बने IAS, प्रदेश में खुशी और बधाइयों की लहर

लखनऊ/ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक तंत्र से एक बड़ी और गौरवपूर्ण खबर सामने आई है। वर्षों की सेवा, अनुभव और उत्कृष्ट कार्यशैली का प्रतिफल अब 36 पीसीएस अधिकारियों को मिला है, जिन्हें पदोन्नत कर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में शामिल किया गया है। इस महत्वपूर्ण निर्णय के बाद प्रदेश के प्रशासनिक महकमे में खुशी का माहौल है और विभिन्न जिलों तथा विभागों में कार्यरत अधिकारियों को लगातार बधाइयां मिल रही हैं। खास बात यह है कि इस सूची में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के ओएसडी शैलेन्द्र कुमार सिंह तथा मेरठ मंडल के अपर आयुक्त अमित कुमार का नाम भी शामिल है, जिनके आईएएस बनने पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
पीसीएस से आईएएस बनने का सपना हुआ साकार, वर्षों की मेहनत लाई रंग
भारतीय प्रशासनिक सेवा देश की सबसे प्रतिष्ठित सेवाओं में गिनी जाती है। ऐसे में राज्य प्रशासनिक सेवा यानी पीसीएस से आईएएस में पदोन्नति किसी भी अधिकारी के करियर का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है। वर्ष 2011 और 2012 बैच के अधिकारियों को इस बार यह अवसर मिला है। लंबे समय से विभिन्न विभागों में जिम्मेदारी निभा रहे इन अधिकारियों ने अपने कार्यों के माध्यम से जो अनुभव और प्रशासनिक दक्षता हासिल की, उसी का परिणाम उन्हें अब आईएएस के रूप में मिला है।

YEIDA के ओएसडी शैलेन्द्र कुमार सिंह की उपलब्धि बनी चर्चा का विषय
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण में ओएसडी के रूप में कार्यरत शैलेन्द्र कुमार सिंह को आईएएस पदोन्नति मिलने के बाद प्राधिकरण और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक क्षेत्र में खुशी की लहर है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, औद्योगिक निवेश और विकास परियोजनाओं से जुड़े अनेक कार्यों में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। अब आईएएस बनने के बाद उनके अनुभव का लाभ प्रदेश प्रशासन को और व्यापक स्तर पर मिलेगा।
मेरठ मंडल के अपर आयुक्त अमित कुमार भी बने आईएएस
मेरठ मंडल के अपर आयुक्त अमित कुमार को भी पदोन्नत कर आईएएस कैडर में शामिल किया गया है। प्रशासनिक क्षेत्र में उनकी कार्यशैली और जनहित से जुड़े मामलों के समाधान के लिए उन्हें लंबे समय से एक प्रभावी अधिकारी के रूप में जाना जाता रहा है। उनकी इस उपलब्धि पर मेरठ मंडल सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में खुशी व्यक्त की जा रही है।

काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के सीईओ विश्वभूषण मिश्रा को भी मिला सम्मान
इस सूची में वाराणसी स्थित श्री काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के सीईओ विश्वभूषण मिश्रा का नाम भी प्रमुखता से शामिल है। उनके अलावा मंदिर ट्रस्ट के पूर्व सीईओ डॉ. सुनील वर्मा को भी पीसीएस से आईएएस पद पर पदोन्नत किया गया है। धार्मिक और प्रशासनिक क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए यह पदोन्नति विशेष महत्व रखती है।

कई जिलों के वरिष्ठ अधिकारियों को मिला प्रमोशन
आईएएस बनने वाले अधिकारियों में सहारनपुर के एडीएम संतोष बहादुर सिंह, लखीमपुर खीरी के एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह, यूपीसीडा के परीक्षा नियंत्रक हर्ष देव पांडेय, रामपुर के एडीएम डॉ. नितिन मदान, यूपीपीसीएस की उप सचिव पूनम निगम, अयोध्या के एडीएम सिटी योगानंद पांडेय, लखनऊ विकास प्राधिकरण के सचिव विवेक श्रीवास्तव, गोंडा के एडीएम आलोक कुमार, कानपुर की अपर आयुक्त सुशीला, लखनऊ के अपर आयुक्त राकेश कुमार पटेल, गोरखपुर विकास प्राधिकरण के सचिव पुष्पराज सिंह, युवा कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक अशोक कुमार कनौजिया समेत अनेक अधिकारियों के नाम शामिल हैं।
वर्ष 2012 बैच के अधिकारियों को भी मिला बड़ा तोहफा
वर्ष 2012 बैच के अधिकारियों में विश्वभूषण मिश्रा, डॉ. वैभव शर्मा, राकेश कुमार सिंह, संदीप कुमार, गरिमा स्वरूप, डॉ. सुनील कुमार वर्मा, अमित कुमार, प्रियंका सिंह, अमित सिंह, अतुल कुमार, विजय कुमार (द्वितीय) तथा मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के सचिव पंकज वर्मा को भी आईएएस पद पर पदोन्नत किया गया है।
प्रशासनिक व्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती
विशेषज्ञों का मानना है कि अनुभवी अधिकारियों को आईएएस कैडर में शामिल करने से प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी। इन अधिकारियों के पास जिलों और विभागों में काम करने का लंबा अनुभव है, जिसका लाभ अब नीतिगत और उच्च प्रशासनिक स्तर पर मिलेगा। इससे शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में भी तेजी आने की उम्मीद है।
पूरे प्रदेश में बधाइयों का दौर
36 अधिकारियों के आईएएस बनने की खबर सामने आते ही प्रशासनिक गलियारों में बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया है। विभिन्न विभागों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और कर्मचारियों ने इन अधिकारियों को शुभकामनाएं दी हैं। इसे उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक इतिहास की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।



