Greater Noida Authority News : 10 दिन में उखड़ गया करोड़ों के सपनों का रास्ता!, ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी का बड़ा एक्शन, घटिया पाथवे पर चला बुलडोजर, ठेकेदार ब्लैकलिस्ट, अफसरों पर भी गिरी गाज, एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस के औचक निरीक्षण में खुली पोल, टूटी झूले, सूखे पौधे और बढ़ी घास ने खोली रखरखाव की हकीकत, उप महाप्रबंधक विजय रावल को दिया निर्देश दो दिन में दोबारा निर्माण के निर्देश

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-3 में विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बड़ी कार्रवाई करते हुए साफ संदेश दिया है कि अब लापरवाही और घटिया निर्माण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महज दस दिन पहले तैयार किया गया पाथवे जब निरीक्षण के दौरान गुणवत्ता परीक्षण में कमजोर निकला और उसका हिस्सा हाथ लगाते ही टूट गया, तो प्राधिकरण की एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने तुरंत सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित ठेकेदार को काली सूची में डालने और उसकी ईएमडी जब्त करने के निर्देश जारी कर दिए।
सिर्फ इतना ही नहीं, खराब गुणवत्ता से बने पाथवे को तत्काल उखाड़ने का आदेश दिया गया और उसे दोबारा उच्च गुणवत्ता के साथ तैयार करने की जिम्मेदारी तय की गई। इसके साथ ही विभागीय स्तर पर भी जवाबदेही तय करते हुए उद्यान विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक से चार्ज वापस ले लिया गया।
सेक्टर-3 के पार्कों की बदहाल तस्वीर ने बढ़ाई चिंता
दरअसल, सेक्टर-3 के निवासियों द्वारा लगातार की जा रही शिकायतों के बाद शनिवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जो तस्वीर सामने आई, उसने न केवल ठेकेदारों बल्कि विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए। पार्कों में जगह-जगह घास बढ़ी हुई थी। हाल ही में आई आंधी और बारिश के कारण पेड़ों से टूटी शाखाएं जमीन पर बिखरी हुई थीं, जिन्हें कई दिनों बाद भी नहीं हटाया गया था। बच्चों के लिए लगाए गए झूले टूटे हुए मिले, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई थी। इसके अलावा पार्कों में लगे पेड़ों और पौधों की स्थिति भी खराब पाई गई। कई स्थानों पर पौधों में समय पर पानी और खाद नहीं डाली गई थी। पेड़ों की छंटाई लंबे समय से नहीं होने के कारण उनकी शाखाएं स्ट्रीट लाइट और पार्क लाइट को ढक रही थीं, जिससे रात के समय रोशनी भी प्रभावित हो रही थी।
10 दिन पहले बना पाथवे जांच में फेल, गुणवत्ता पर उठे सवाल
निरीक्षण के दौरान सबसे चौंकाने वाली बात पार्क में करीब दस दिन पहले बनाए गए पाथवे को लेकर सामने आई। एसीईओ ने जब उसके शोल्डर का परीक्षण कराया तो वह आसानी से टूट गया। इससे साफ संकेत मिला कि निर्माण कार्य में मानकों का पालन नहीं किया गया और घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया। इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने संबंधित एजेंसी मैसर्स अतर सिंह को ब्लैकलिस्ट करने और उसकी सुरक्षा धनराशि (EMD) जब्त करने के निर्देश जारी कर दिए।
इसके साथ ही पाथवे निर्माण से जुड़ी एजेंसी मैसर्स एस.आर. एसोसिएट्स को पुराने निर्माण को पूरी तरह उखाड़कर दोबारा गुणवत्ता के साथ निर्माण करने का आदेश दिया गया।

अब विजय रावल करेंगे निगरानी, दो दिन में काम पूरा करने के निर्देश
एसीईओ ने इस बार निर्माण कार्यों की निगरानी को लेकर भी विशेष व्यवस्था की है। उन्होंने उप महाप्रबंधक विजय रावल को पाथवे निर्माण की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं उद्यानिक कार्य सहायक निदेशक ज्ञानेंद्र यादव की देखरेख में दो दिन के भीतर दोबारा पाथवे तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया गया है कि निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की कोताही या गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा।
वरिष्ठ प्रबंधक से छीना गया चार्ज, विभागीय जवाबदेही भी तय
निरीक्षण के दौरान उद्यान विभाग के कार्यों में भी गंभीर लापरवाही सामने आई। पार्कों के रखरखाव, पौधों की देखभाल और सफाई व्यवस्था में कमी पाए जाने के बाद उद्यान विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक रामकुमार को उनके चार्ज से मुक्त कर दिया गया। प्राधिकरण की इस कार्रवाई को विभागीय जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
एसीईओ का स्पष्ट संदेश—गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा
एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने साफ शब्दों में कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की कमी मिलने पर संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को भी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि निरीक्षण में लापरवाही या गुणवत्ता में कमी पाई गई तो उनके खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
निवासियों ने की कार्रवाई की सराहना
सेक्टर-3 के निवासियों ने एसीईओ के औचक निरीक्षण और त्वरित कार्रवाई का स्वागत किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से पार्कों और रखरखाव को लेकर शिकायतें की जा रही थीं, लेकिन अब प्राधिकरण की सक्रियता से उम्मीद जगी है कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित होगी।
ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी का साफ संदेश—‘घटिया काम करोगे, तो भुगतान नहीं बल्कि कार्रवाई मिलेगी’
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की यह कार्रवाई केवल एक ठेकेदार के खिलाफ नहीं, बल्कि उन सभी एजेंसियों के लिए चेतावनी है जो विकास कार्यों में गुणवत्ता से समझौता कर जनता के पैसे का दुरुपयोग करती हैं। आने वाले दिनों में ऐसे और भी निरीक्षण होने की संभावना जताई जा रही है।



