अथॉरिटीआम मुद्देगौतमबुद्ध नगरजेवरताजातरीन

Yamuna Authority News : जेवर एयरपोर्ट के पास मेडिकल डिवाइस पार्क में 12 भूखंडों का सफल आवंटन – यूपी बनेगा हेल्थ टेक्नोलॉजी का ग्लोबल हब, निवेश और रोजगार का नया दरवाज़ा खुला, जेवर एयरपोर्ट से सीधा कनेक्शन – निवेशकों का नया आकर्षण

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। उत्तर प्रदेश अब केवल एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट के लिए ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य उपकरण निर्माण के लिए भी एक नई पहचान बनाने जा रहा है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) की महत्वाकांक्षी मेडिकल डिवाइस पार्क योजना-05 के अंतर्गत सेक्टर-28 में औद्योगिक भूखंडों का आवंटन पूरा हो गया है। यह आवंटन न केवल प्रदेश की औद्योगिक छवि को नई ऊंचाई देगा बल्कि हजारों युवाओं के लिए रोजगार और सैकड़ों करोड़ का निवेश भी लेकर आएगा।

कैसे हुई पूरी प्रक्रिया – आवेदन से आवंटन तक की यात्रा

इस योजना की शुरुआत 16 जून 2025 को हुई थी और यह 6 अगस्त 2025 तक चली। इस दौरान प्राधिकरण को कुल 48 आवेदन प्राप्त हुए। सभी आवेदनों की जांच ई-वाइड कंपनी द्वारा की गई। गहन जांच और परीक्षण के बाद केवल 20 आवेदन पात्र पाए गए।
इसके बाद 22 सितंबर 2025 को प्राधिकरण कार्यालय में पारदर्शी तरीके से लॉटरी प्रक्रिया संपन्न हुई। इसी लॉटरी प्रक्रिया से 12 आवेदकों को औद्योगिक भूखंड आवंटित किए गए।

किन क्षेत्रों में खुलेंगे नए अवसर

YEIDA के इस मेडिकल डिवाइस पार्क में अब विभिन्न क्षेत्रों की उच्चस्तरीय यूनिटें स्थापित होंगी। इनमें शामिल हैं –

02 यूनिट – कैंसर केयर डिवाइस निर्माण

03 यूनिट – रेडियोलॉजी और इमेजिंग उपकरण

01 यूनिट – इम्प्लांट्स (Implants)

03 यूनिट – एनेस्थीसिया और कार्डियो रेस्पिरेटरी सिस्टम उपकरण

03 यूनिट – इन-विट्रो डायग्नॉस्टिक डिवाइस

इन सभी यूनिटों के निर्माण से भारत को स्वास्थ्य उपकरणों के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी और विदेशों से आयात पर निर्भरता कम होगी।

आवंटन पत्र सौंपने का समारोह

YEIDA मुख्यालय में एक विशेष समारोह आयोजित किया गया। इसमें मुख्य कार्यपालक अधिकारी, रोकेश कुमार सिंह ने सफल आवेदकों को औपचारिक रूप से आवंटन पत्र सौंपे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि मेडिकल डिवाइस पार्क न केवल यूपी बल्कि पूरे देश की औद्योगिक और स्वास्थ्य व्यवस्था को नई ऊर्जा देगा।

जेवर एयरपोर्ट से सीधा कनेक्शन – निवेशकों का नया आकर्षण

यह मेडिकल डिवाइस पार्क नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर के बेहद निकट स्थित है। यही कारण है कि निवेशकों के लिए यह स्थान लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी की दृष्टि से सर्वश्रेष्ठ साबित होगा।
यहां से बनने वाले उपकरण न केवल भारत के विभिन्न हिस्सों में बल्कि दुनिया के बाजारों में भी आसानी से पहुंच सकेंगे। यही वजह है कि इस योजना को “मेक इन इंडिया विद ग्लोबल आउटरीच” का असली उदाहरण कहा जा रहा है।

निवेश और रोजगार का नया अध्याय

प्राधिकरण के अनुसार, इन 12 औद्योगिक भूखंडों पर बनने वाली यूनिटों से लगभग 100 करोड़ रुपये का निवेश होगा। इसके साथ ही करीब 1000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
इससे जहां स्थानीय युवाओं को नौकरी के अवसर मिलेंगे, वहीं प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।

यूपी का औद्योगिक भविष्य और मेडिकल इनोवेशन का संगम

YEIDA का यह कदम प्रदेश को औद्योगिक मानचित्र पर अग्रणी बनाएगा। जेवर एयरपोर्ट, यमुना एक्सप्रेसवे और अब मेडिकल डिवाइस पार्क – इन सभी परियोजनाओं का संगम यूपी को अगले दशक में देश का सबसे बड़ा औद्योगिक राज्य बना देगा।
युवाओं, निवेशकों और उद्योगपतियों – सभी के लिए यह अवसरों का नया दरवाज़ा है।

मेडिकल डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भर भारत की ओर

अब तक भारत मेडिकल उपकरणों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर था। लेकिन YEIDA के इस मेडिकल डिवाइस पार्क के जरिए भारत खुद मैन्युफैक्चरिंग हब बनेगा। यहां बनने वाले उपकरण कैंसर के इलाज से लेकर डायग्नॉस्टिक टेस्टिंग तक में उपयोग होंगे।
यह न केवल भारत की स्वास्थ्य सेवाओं को सस्ती और सुलभ बनाएगा बल्कि देश को आत्मनिर्भर भारत मिशन की दिशा में भी आगे बढ़ाएगा।

रफ़्तार टुडे की न्यूज़
Raftar Today
Raftar Today

Related Articles

Back to top button