New Noida News : 37 गांवों में दस्तक देगा न्यू नोएडा का सपना!, किसानों से आमने-सामने होगी बात, सहमति से खरीदी जाएगी जमीन, विकास की सबसे बड़ी शहरी परियोजना ने पकड़ी रफ्तार, 80 गांवों में होगा सर्वे, पांच लेखपाल संभालेंगे जिम्मेदारी, निवेश, रोजगार और आधुनिक शहर की दिशा में बड़ा कदम

नोएडा, रफ़्तार टूडे। उत्तर प्रदेश की सबसे महत्वाकांक्षी शहरी विकास परियोजनाओं में शामिल न्यू नोएडा (दादरी-नोएडा-गाजियाबाद विशेष निवेश क्षेत्र – DNGIR) अब कागजों से निकलकर धरातल पर उतरने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। प्रदेश सरकार और नोएडा प्राधिकरण ने इस मेगा प्रोजेक्ट को गति देने के लिए अहम रणनीति तैयार कर ली है। अब किसानों से सीधे संवाद स्थापित करते हुए पहले चरण में 37 गांवों में विशेष कैंप लगाए जाएंगे, जहां भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आपसी सहमति के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी।
करीब 209.11 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विकसित होने वाला न्यू नोएडा भविष्य का ऐसा आधुनिक शहर होगा, जहां उद्योग, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और अत्याधुनिक आधारभूत सुविधाओं का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। इस परियोजना से न केवल गौतमबुद्ध नगर बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। प्रशासन का कहना है कि इस बार भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, संवाद आधारित और किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए संचालित की जाएगी।
37 गांवों में कैंप लगाकर किसानों से होगा सीधा संवाद
नोएडा प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि भूमि अधिग्रहण किसी प्रकार के दबाव में नहीं बल्कि आपसी सहमति मॉडल के आधार पर किया जाएगा। इसके लिए पहले चरण में 37 गांवों में विशेष कैंप लगाए जाएंगे, जहां प्राधिकरण के अधिकारी किसानों से सीधे मुलाकात करेंगे। इन कैंपों में किसानों को परियोजना की पूरी जानकारी दी जाएगी। उन्हें बताया जाएगा कि उनकी भूमि किस उद्देश्य से ली जा रही है, उन्हें क्या मुआवजा मिलेगा, भविष्य में क्षेत्र का विकास किस प्रकार होगा तथा परियोजना से स्थानीय लोगों को किस प्रकार रोजगार और व्यापार के अवसर प्राप्त होंगे। अधिकारियों का मानना है कि संवाद से विश्वास बढ़ेगा और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया बिना किसी विवाद के आगे बढ़ सकेगी।
80 गांवों का होगा सर्वे, पांच लेखपालों को मिली जिम्मेदारी
परियोजना को गति देने के लिए शासन ने नोएडा प्राधिकरण में पांच लेखपालों की नियुक्ति कर दी है। इनमें से एक लेखपाल ने कार्यभार संभाल लिया है, जबकि अन्य भी शीघ्र ही अपनी जिम्मेदारी ग्रहण करेंगे। नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी क्रांति शेखर सिंह के अनुसार सभी लेखपाल सेक्टर-96 स्थित प्राधिकरण कार्यालय से कार्य करेंगे। उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी न्यू नोएडा में शामिल 80 गांवों का विस्तृत सर्वे, राजस्व अभिलेखों का सत्यापन, खसरा-खतौनी का मिलान तथा भूमि स्वामित्व संबंधी सभी दस्तावेजों का परीक्षण करना होगा। भूमि रिकॉर्ड पूरी तरह स्पष्ट होने के बाद किसानों की सहमति लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
भूमि अधिग्रहण होगा पूरी पारदर्शिता के साथ
प्राधिकरण का कहना है कि इस बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल रिकॉर्ड, राजस्व सत्यापन और पारदर्शी व्यवस्था के तहत संचालित की जाएगी। किसानों की हर शंका का समाधान किया जाएगा और उन्हें उनकी भूमि से संबंधित सभी जानकारियां उपलब्ध कराई जाएंगी।
प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी किसान को जानकारी के अभाव या भ्रम की स्थिति का सामना न करना पड़े। इसके लिए गांव-गांव जाकर अधिकारियों द्वारा व्यक्तिगत संवाद भी किया जाएगा।
भविष्य का आधुनिक शहर बनेगा न्यू नोएडा
न्यू नोएडा केवल एक नया शहर नहीं बल्कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा एक स्मार्ट और वैश्विक स्तर का विकास मॉडल होगा। परियोजना के तहत—आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे।
विश्वस्तरीय आवासीय सेक्टर बनाए जाएंगे। आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों को निवेश के अवसर मिलेंगे। शैक्षणिक संस्थान, मेडिकल सुविधाएं और रिसर्च सेंटर विकसित होंगे।चौड़ी सड़कें, ग्रीन कॉरिडोर और स्मार्ट ट्रांसपोर्ट सिस्टम तैयार किया जाएगा। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए हरित विकास मॉडल अपनाया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि न्यू नोएडा आने वाले वर्षों में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक क्षेत्र के बीच एक महत्वपूर्ण आर्थिक केंद्र बन सकता है।
रोजगार और निवेश के खुलेंगे नए द्वार
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, यमुना एक्सप्रेसवे, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब और तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्रों के बीच न्यू नोएडा की स्थिति इसे निवेशकों के लिए बेहद आकर्षक बनाती है।
नई परियोजना के विकसित होने के बाद हजारों करोड़ रुपये का निवेश आने की संभावना है। इसके साथ ही लाखों युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। छोटे व्यापारियों, सेवा क्षेत्र और स्थानीय उद्यमियों को भी इसका बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
किसानों के हितों को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता
नोएडा प्राधिकरण ने दोहराया है कि किसानों के हितों की अनदेखी नहीं की जाएगी। प्रत्येक गांव में संवाद के माध्यम से उनकी समस्याओं को सुना जाएगा और शासन की नीति के अनुरूप उचित मुआवजा एवं अन्य लाभ सुनिश्चित किए जाएंगे।
अधिकारियों का कहना है कि विकास तभी सफल माना जाएगा जब उसमें स्थानीय लोगों की भागीदारी और विश्वास दोनों शामिल हों। इसी सोच के साथ न्यू नोएडा परियोजना को आगे बढ़ाया जा रहा है।
क्षेत्रीय विकास का नया अध्याय
विशेषज्ञों का मानना है कि न्यू नोएडा परियोजना पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास का नया इंजन साबित हो सकती है। लगातार बढ़ती आबादी, औद्योगिक निवेश और आधुनिक शहरी सुविधाओं की मांग को देखते हुए यह परियोजना आने वाले वर्षों में राष्ट्रीय स्तर पर एक मॉडल स्मार्ट सिटी के रूप में पहचान बना सकती है। 37 गांवों में कैंप लगाने और लेखपालों की नियुक्ति के साथ अब यह स्पष्ट हो गया है कि न्यू नोएडा परियोजना ने वास्तविक गति पकड़ ली है। यदि भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया निर्धारित समय के अनुसार आगे बढ़ती है, तो जल्द ही प्रदेश को एक और विश्वस्तरीय आधुनिक शहर मिलने की दिशा में बड़ा कदम पूरा हो जाएगा।


