Employment News : रोजगार की नई उड़ान!, गौतमबुद्धनगर में TCS और जिला सेवायोजन विभाग की बड़ी पहल, अब डिग्री नहीं… कौशल दिलाएगा नौकरी, हजारों युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए दरवाजे, जनपद के प्रमुख शिक्षण संस्थानों की रही भागीदारी, युवाओं को नौकरी नहीं, करियर के लिए तैयार करने की पहल, MSME और उद्योग जगत ने बताई सबसे बड़ी चुनौती

गौतमबुद्धनगर, रफ़्तार टूडे। उत्तर प्रदेश में युवाओं को रोजगार से जोड़ने और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कुशल मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में गौतमबुद्धनगर से एक बड़ी और सकारात्मक पहल सामने आई है। जिला सेवायोजन कार्यालय, गौतमबुद्धनगर एवं देश की अग्रणी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के संयुक्त तत्वावधान में ग्रेटर नोएडा स्थित जीएनआईओटी (GNIOT) परिसर में एक दिवसीय कौशल एवं रोजगार उन्मुख कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर न केवल युवाओं को रोजगार के बदलते स्वरूप और उद्योगों की अपेक्षाओं से अवगत कराया गया, बल्कि आने वाले महीनों में बड़े स्तर पर विशेष कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव आयोजित करने की भी घोषणा की गई। इसके साथ ही रोजगार सृजन और कौशल विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर भी हस्ताक्षर किए गए।
युवाओं को नौकरी नहीं, करियर के लिए तैयार करने की पहल
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि युवाओं को ऐसा कौशल प्रदान करना था जिससे वे आधुनिक उद्योगों की मांग के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकें। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बताया कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल शैक्षणिक डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि तकनीकी दक्षता, संचार कौशल, डिजिटल क्षमता, समस्या समाधान की योग्यता और उद्योग की कार्यशैली की समझ भी आवश्यक है। विशेषज्ञों ने छात्रों को बताया कि आने वाले समय में वही युवा सबसे अधिक सफल होंगे जो बदलती तकनीकों और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को लगातार अपडेट करते रहेंगे।

जनपद के प्रमुख शिक्षण संस्थानों की रही भागीदारी
इस कार्यशाला में गौतमबुद्धनगर के अनेक प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें दिल्ली टेक्निकल कैंपस, मंगलमय ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, राम-ईश इंस्टीट्यूट, एक्यूरेट इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, आईटीएस इंजीनियरिंग कॉलेज, द्रोणाचार्य ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, विश्वेश्वरैया ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, जीएल बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, इनोवेटिव ग्रुप ऑफ कॉलेजेज, प्रिंस इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, नोएडा इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (NIET), लॉयड ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस सहित कई संस्थान शामिल रहे।
शैक्षणिक संस्थानों की भागीदारी ने यह स्पष्ट किया कि उद्योग और शिक्षा के बीच समन्वय बढ़ाना अब समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है।
MSME और उद्योग जगत ने बताई सबसे बड़ी चुनौती
कार्यक्रम में आर्या फैशन्स, सिद्धि इंफोनेट, राल्वो इंजीनियरिंग, मातंगी पॉलिमर्स, एयर फ्लो, केयर डेकोर इंडिया सहित अनेक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। साथ ही इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (IIA) और इंडियन बिजनेस एसोसिएशन (IBA) के प्रतिनिधियों ने उद्योगों की वर्तमान जरूरतों और रोजगार की संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए।
उद्योग प्रतिनिधियों ने कहा कि कंपनियों के पास रोजगार के अवसर तो उपलब्ध हैं, लेकिन योग्य और प्रशिक्षित मानव संसाधन की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। उन्होंने युवाओं को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित करने पर विशेष जोर दिया।
TCS के सहयोग से लगेगा विशेष प्लेसमेंट कैंप
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला सेवायोजन अधिकारी मनीषा अत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि आगामी महीनों में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के सहयोग से ग्रेजुएट पास-आउट और नॉन-टेक्निकल अभ्यर्थियों के लिए विशेष कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव आयोजित की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्लेसमेंट प्रक्रिया में शामिल होने के लिए युवाओं को सेवायोजन विभाग के ‘रोजगार संगम’ पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। इसके साथ ही TCS iON पोर्टल पर भी रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा, ताकि अभ्यर्थी चयन प्रक्रिया में भाग लेकर रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकें।
रोजगार सृजन को नई गति देगा महत्वपूर्ण MoU
कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक उत्तर प्रदेश सरकार और आर्या फैशन के बीच रोजगार एवं कौशल विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर होना रहा। इस समझौते के तहत उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे उन्हें रोजगार और स्वरोजगार दोनों के बेहतर अवसर मिल सकें। यह पहल स्थानीय उद्योगों को प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराने के साथ-साथ युवाओं को उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार दिलाने में भी सहायक होगी।
उद्योग और शिक्षा के बीच बनेगा मजबूत सेतु
कार्यक्रम में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि यदि उद्योग, शिक्षण संस्थान और सरकारी विभाग मिलकर कार्य करें तो युवाओं को रोजगार दिलाना कहीं अधिक आसान हो सकता है। जिला सेवायोजन कार्यालय ने उद्योगों को भरोसा दिलाया कि उनकी आवश्यकताओं के अनुसार योग्य अभ्यर्थियों की पहचान कर उन्हें उपलब्ध कराया जाएगा।विशेषज्ञों ने कहा कि आने वाले वर्षों में कौशल आधारित शिक्षा ही रोजगार का सबसे बड़ा आधार बनेगी और इसी दिशा में यह पहल मील का पत्थर साबित होगी।
युवाओं के लिए उम्मीदों का नया अध्याय
कार्यक्रम के अंत में सभी शिक्षण संस्थानों, उद्योग प्रतिनिधियों और विशेषज्ञों ने यह संकल्प लिया कि भविष्य में भी ऐसे रोजगारोन्मुखी कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे। इससे न केवल गौतमबुद्धनगर के युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास को भी नई गति प्राप्त होगी। जिला सेवायोजन विभाग और TCS की यह संयुक्त पहल यह संदेश देती है कि यदि शिक्षा, उद्योग और सरकार एक मंच पर आएं तो रोजगार के नए अवसरों का निर्माण तेज़ी से किया जा सकता है और युवाओं को आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में प्रभावी भागीदारी के लिए तैयार किया जा सकता है।


