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Yamuna Authority News : 450 करोड़ की अवैध कॉलोनियों पर गरजा बुलडोजर, 1.5 लाख वर्गमीटर जमीन पर चला यमुना प्राधिकरण का सबसे बड़ा अभियान!, एयरपोर्ट के आसपास भू-माफियाओं में मचा हड़कंप, निवेशकों को भी दी गई बड़ी चेतावनी, मरोरगढ़ी और टप्पल क्षेत्र में चला व्यापक ध्वस्तीकरण अभियान, सीईओ राकेश कुमार सिंह के निर्देश पर हुई सख्त कार्रवाई

अलीगढ़/यमुना सिटी, रफ़्तार टूडे। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास तेजी से बढ़ रहे विकास के बीच अवैध कॉलोनाइजरों पर शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। इसी क्रम में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने गुरुवार को अपने इतिहास के सबसे बड़े ध्वस्तीकरण अभियानों में से एक को अंजाम देते हुए अलीगढ़ जनपद के टप्पल क्षेत्र में लगभग 1.50 लाख वर्गमीटर भूमि पर विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर चला दिया। इस कार्रवाई के दौरान करीब 450 करोड़ रुपये मूल्य की भूमि को अवैध कब्जे और प्लॉटिंग से मुक्त कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया। जैसे ही भारी पुलिस बल, प्रशासनिक अधिकारियों और बुलडोजरों का काफिला मौके पर पहुंचा, अवैध कॉलोनाइजरों और प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़े लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

यमुना प्राधिकरण का यह अभियान केवल अवैध निर्माण हटाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह उन लोगों के लिए भी एक सख्त संदेश बनकर सामने आया जो बिना किसी वैधानिक अनुमति के कॉलोनियां विकसित कर आम लोगों की गाढ़ी कमाई को जोखिम में डाल रहे हैं। प्राधिकरण ने स्पष्ट कर दिया है कि अधिसूचित क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण, अवैध प्लॉटिंग या सरकारी भूमि पर कब्जा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

मरोरगढ़ी और टप्पल क्षेत्र में चला व्यापक ध्वस्तीकरण अभियान

यमुना प्राधिकरण के दूसरे चरण (फेज-2) में आने वाले टप्पल, मरोरगढ़ी और आसपास के क्षेत्रों में पिछले काफी समय से बिना स्वीकृति के कॉलोनियां विकसित किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। जांच में इन शिकायतों की पुष्टि होने के बाद प्राधिकरण ने विस्तृत रणनीति तैयार की और गुरुवार सुबह भारी पुलिस बल तथा प्रशासनिक अमले के साथ मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू कर दी। अभियान के दौरान हरित वाटिका, मरोरगढ़ी सहित कई अवैध कॉलोनियों में बनाई गई सड़कें, बाउंड्रीवाल, प्लॉटों की मार्किंग, अस्थायी निर्माण और अन्य अवैध ढांचों को बुलडोजरों की मदद से पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। कई घंटों तक चले इस अभियान के दौरान पूरे क्षेत्र में प्रशासन की कड़ी निगरानी रही और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया।

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सीईओ राकेश कुमार सिंह के निर्देश पर हुई सख्त कार्रवाई

यह पूरा अभियान यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह के निर्देश पर संचालित किया गया। अभियान का नेतृत्व विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) आईएएस शैलेंद्र कुमार सिंह ने किया। उनके साथ उपजिलाधिकारी अभिषेक शाही, तहसीलदार मनोज कुमार सिंह, प्राधिकरण के परियोजना विभाग के अधिकारी तथा अलीगढ़ जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मौजूद रही। अधिकारियों ने पूरे अभियान के दौरान प्रत्येक स्थल का निरीक्षण किया और यह सुनिश्चित किया कि अवैध रूप से विकसित किए गए किसी भी निर्माण को छोड़ा न जाए। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती ताकि कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से पूरी की जा सके।

450 करोड़ की जमीन पर अवैध कब्जे पर सबसे बड़ा प्रहार

प्राधिकरण के अनुसार ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान लगभग 1.50 लाख वर्गमीटर भूमि को अवैध कॉलोनाइजरों के कब्जे और प्लॉटिंग से मुक्त कराया गया। इस भूमि का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 450 करोड़ रुपये है। अधिकारियों का कहना है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण के बाद इस क्षेत्र में जमीनों की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि हुई है। इसी का फायदा उठाकर कई भू-माफिया बिना किसी स्वीकृत लेआउट और अनुमति के कॉलोनियां विकसित कर लोगों को प्लॉट बेच रहे थे। कई मामलों में खरीदारों को यह तक जानकारी नहीं होती कि जिस जमीन में वे निवेश कर रहे हैं, वह प्राधिकरण की अधिसूचित भूमि है।

आम लोगों को दी गई बड़ी चेतावनी

यमुना प्राधिकरण ने इस कार्रवाई के बाद आम नागरिकों और निवेशकों से विशेष अपील की है कि वे किसी भी प्लॉट या कॉलोनी में निवेश करने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति की पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त करें। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि बिना स्वीकृत लेआउट वाली कॉलोनियों में निवेश करने वाले लोगों को भविष्य में आर्थिक नुकसान और कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। अधिकारियों ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति प्राधिकरण की अनुमति के बिना विकसित की गई कॉलोनी में प्लॉट खरीदता है तो उसकी जिम्मेदारी स्वयं खरीदार की होगी। इसलिए जमीन खरीदने से पहले प्राधिकरण कार्यालय से सत्यापन कराना अत्यंत आवश्यक है।

एयरपोर्ट क्षेत्र में लगातार जारी रहेगा अभियान

यमुना एक्सप्रेसवे और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास तेजी से बढ़ रहे औद्योगिक और शहरी विकास के कारण भूमि की मांग लगातार बढ़ रही है। इसी का फायदा उठाकर अवैध कॉलोनाइजर सक्रिय हो गए हैं। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि ऐसे तत्वों के खिलाफ भविष्य में भी लगातार अभियान चलाए जाएंगे।

अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है। जिन क्षेत्रों में अवैध प्लॉटिंग और निर्माण की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, वहां भी जल्द ही इसी प्रकार के बड़े अभियान चलाए जाएंगे। यमुना प्राधिकरण की “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत भू-माफियाओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ ध्वस्तीकरण अभियान भी लगातार जारी रहेगा।

यमुना प्राधिकरण का मानना है कि यदि समय रहते अवैध कॉलोनियों पर रोक नहीं लगाई गई तो भविष्य में क्षेत्रीय विकास योजनाएं प्रभावित होंगी और हजारों निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसलिए प्रशासन अब हर स्तर पर सख्ती बरतते हुए अधिसूचित क्षेत्र को अवैध कब्जों और अनधिकृत निर्माणों से मुक्त कराने के लिए लगातार कार्रवाई कर रहा है।

रफ़्तार टूडे की न्यूज

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