Breaking News : "धूल का दमघोंटू सुरंग बना न्यू दादरी अंडरपास!, हर दिन हजारों लोगों की जान से खिलवाड़, DFCCIL, UPSIDA, GNIDA की लापरवाही पर उठे सवाल, सड़क मरम्मत और स्थायी समाधान की तेज हुई मांग", 24 घंटे दौड़ते हैं भारी वाहन, लेकिन सड़क की हालत बेहद खराब, RMC प्लांट्स की गाड़ियों से गिर रहा सीमेंट और कंक्रीट

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा के न्यू दादरी जंक्शन के निकट स्थित डीएफसीसीआईएल (Dedicated Freight Corridor Corporation of India) के अंडरपास की बदहाल स्थिति अब स्थानीय लोगों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है। शिवालिक होम्स सोसाइटी के समीप स्थित यह अंडरपास, जहां से प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं, आज धूल, टूटी सड़क, अपर्याप्त रोशनी और दुर्घटनाओं के खतरे का पर्याय बन गया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि अंडरपास के रखरखाव में लगातार लापरवाही बरती जा रही है, जिसके कारण लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर सीधा असर पड़ रहा है।
24 घंटे दौड़ते हैं भारी वाहन, लेकिन सड़क की हालत बेहद खराब
यह अंडरपास न्यू दादरी जंक्शन को आसपास के क्षेत्रों से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। यहां से रोजाना 24 घंटे डंपर, आरएमसी (रेडी मिक्स कंक्रीट) मिक्सर, कंटेनर ट्रेलर, बसें, ट्रक, ट्रैक्टर-ट्रॉली, कार, ऑटो, ई-रिक्शा और दोपहिया वाहन गुजरते हैं। लगातार भारी वाहनों के आवागमन और समय पर रखरखाव न होने के कारण सड़क की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है।

आरएमसी प्लांट्स की गाड़ियों से गिर रहा सीमेंट और कंक्रीट
स्थानीय लोगों का कहना है कि आसपास संचालित आरएमसी प्लांट्स से आने-जाने वाले मिक्सर ट्रकों से अक्सर सीमेंट, कंक्रीट और निर्माण सामग्री सड़क पर गिरती रहती है। धीरे-धीरे सड़क की एक ओर सीमेंट और कंक्रीट की मोटी परत जम गई है। जब भारी वाहन इस पर गुजरते हैं तो पूरा अंडरपास धूल के गुबार से भर जाता है।
धूल से बढ़ रहा बीमारी का खतरा
अंडरपास के अंदर उड़ने वाली धूल अब केवल असुविधा नहीं बल्कि स्वास्थ्य संकट का रूप ले चुकी है। यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों, पैदल यात्रियों और आसपास रहने वाले लोगों को सांस लेने में परेशानी, एलर्जी, आंखों में जलन और अन्य श्वसन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बुजुर्ग, बच्चे, महिलाएं और पहले से बीमार लोग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।

कम रोशनी से बढ़ रहा हादसों का खतरा
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अंडरपास के अंदर स्थायी हाईमास्ट या पर्याप्त एलईडी लाइटें नहीं लगी हैं। फिलहाल अस्थायी लाइटों के सहारे यातायात चल रहा है। धूल के कारण विजिबिलिटी और कम हो जाती है, जिससे विशेषकर रात के समय दुर्घटना की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।
दोपहिया वाहन चालक सबसे ज्यादा जोखिम में
निवासियों के अनुसार सड़क पर जमे सीमेंट और कंक्रीट के कारण कई बार दोपहिया वाहन फिसल चुके हैं। स्किड होने से अनेक छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की रिसर्फेसिंग नहीं कराई गई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है।

स्थानीय लोगों ने उठाईं प्रमुख मांगें
क्षेत्रवासियों ने डीएफसीसीआईएल, जिला प्रशासन, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और संबंधित विभागों से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। प्रमुख मांगों में शामिल हैं— अंडरपास की सड़क की तत्काल रिसर्फेसिंग कराई जाए।
स्थायी और पर्याप्त एलईडी लाइटों की व्यवस्था की जाए।
अंडरपास की रंगाई-पुताई और नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। आरएमसी प्लांट्स के वाहनों से सीमेंट और मलबा गिरने पर सख्त कार्रवाई हो। भारी वाहनों की निगरानी और नियमित निरीक्षण किया जाए। घनी आबादी वाले क्षेत्रों से आरएमसी प्लांट्स को अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। धूल प्रदूषण रोकने के लिए नियमित मैकेनिकल रोड क्लीनिंग और पानी का छिड़काव कराया जाए।
स्थायी समाधान की मांग हुई तेज
सूरजपुर साइट-सी, गुलिस्तानपुर, शिवालिक होम्स, पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट, मिग्सन होम्स और आसपास के क्षेत्रों के लोगों का कहना है कि यह केवल सड़क मरम्मत का मामला नहीं बल्कि हजारों नागरिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा का प्रश्न है। उनका कहना है कि यदि संबंधित विभाग समय रहते प्रभावी कदम उठाते हैं तो दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के साथ-साथ प्रदूषण की समस्या से भी राहत मिल सकती है। क्षेत्रवासियों ने उम्मीद जताई है कि डीएफसीसीआईएल और संबंधित प्रशासनिक एजेंसियां इस गंभीर मुद्दे को प्राथमिकता देते हुए जल्द आवश्यक कार्रवाई करेंगी, ताकि न्यू दादरी अंडरपास एक सुरक्षित, स्वच्छ और सुगम मार्ग बन सके।



