Noida Metro News: नोएडा मेट्रो लिंक लाइन के रूट में बड़ा बदलाव, सेक्टर-44 की आपत्तियों के बाद बदला अलाइनमेंट, लागत बढ़ेगी लेकिन सफर होगा ज्यादा आसान; दिल्ली-नोएडा-ग्रेटर नोएडा की यात्रा होगी और आसान, एमडी कृष्णा करुणेश बोले– ‘यात्री सुविधा और बेहतर कनेक्टिविटी हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता’

नोएडा, रफ़्तार टूडे। नोएडा-ग्रेटर नोएडा के लाखों यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही एक्वा मेट्रो लिंक लाइन परियोजना में बड़ा बदलाव किया गया है। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को अंतिम रूप दिए जाने के बाद सेक्टर-44 के निवासियों की आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एनएमआरसी) ने परियोजना के अलाइनमेंट में संशोधन करने का निर्णय लिया है। इस बदलाव के बाद परियोजना की लंबाई लगभग एक किलोमीटर बढ़ जाएगी, जिससे इसकी कुल लंबाई 11.56 किलोमीटर से बढ़कर 12.56 किलोमीटर हो जाएगी। अनुमान है कि इस बदलाव से परियोजना की लागत में करीब 100 करोड़ रुपये की वृद्धि होगी।
सेक्टर-44 की आपत्तियों के बाद लिया गया फैसला
जानकारी के अनुसार, पहले प्रस्तावित रूट सेक्टर-44 के अंदर से गुजर रहा था, जिस पर स्थानीय निवासियों ने आपत्ति दर्ज कराई थी। लोगों की मांग थी कि मेट्रो लाइन का निर्माण इस प्रकार किया जाए जिससे आवासीय क्षेत्र पर न्यूनतम प्रभाव पड़े। इसके बाद एनएमआरसी ने तकनीकी स्तर पर पूरे रूट का पुनर्मूल्यांकन किया और यात्रियों की सुविधा के साथ स्थानीय लोगों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए अलाइनमेंट में बदलाव का निर्णय लिया।
अब लिंक लाइन सेक्टर-44 के भीतर से गुजरने के बजाय बाहरी हिस्से से होकर निकलेगी, जिससे स्थानीय आबादी की आपत्तियों का समाधान हो सकेगा।
बॉटेनिकल गार्डन बनेगा सबसे बड़ा इंटरचेंज स्टेशन
नई योजना के तहत यह लिंक लाइन बॉटेनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन पर दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन और नोएडा मेट्रो की मैजेंटा लाइन से जुड़ेगी। इसके लिए बॉटेनिकल गार्डन स्टेशन पर एक नया इंटरचेंज प्लेटफॉर्म विकसित किया जाएगा, जिससे यात्रियों को एक लाइन से दूसरी लाइन में जाने के लिए अधिक सुविधा मिलेगी। नई व्यवस्था के लागू होने के बाद दिल्ली, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच यात्रा पहले की तुलना में अधिक तेज, सुगम और सुविधाजनक हो जाएगी।
रूट में होंगे आठ आधुनिक स्टेशन
संशोधित परियोजना के अनुसार इस मेट्रो कॉरिडोर पर कुल आठ स्टेशन विकसित किए जाएंगे। इनमें प्रमुख रूप से—
बॉटेनिकल गार्डन, सेक्टर-44, सेक्टर-96, नोएडा प्राधिकरण कार्यालय, सेक्टर-105, सेक्टर-108, सेक्टर-93, एक्सप्रेसवे पॉकेट इंटर कॉलेज शामिल होंगे। कॉरिडोर का अंतिम स्टेशन सेक्टर-142 होगा, जहां पहले से संचालित एक्वा लाइन से इसका सीधा जुड़ाव होगा।
निर्माण के लिए कई बड़ी कंपनियों ने दिखाई रुचि
परियोजना के निर्माण को लेकर देश की कई प्रतिष्ठित इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों ने रुचि दिखाई है। एनएमआरसी द्वारा जारी टेंडर प्रक्रिया में तकनीकी बोलियां प्राप्त हो चुकी हैं और उनके मूल्यांकन की प्रक्रिया चल रही है। अधिकारियों का मानना है कि अगले कुछ समय में निर्माण एजेंसी का चयन कर कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
चार वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य
एनएमआरसी ने इस परियोजना को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा है। अनुमान है कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद लाखों यात्रियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। खासकर ग्रेटर नोएडा, नोएडा एक्सप्रेसवे और सेक्टर-142 की ओर आने-जाने वाले लोगों को दिल्ली तक निर्बाध मेट्रो कनेक्टिविटी मिल सकेगी।
कृष्णा करुणेश का बयान: ‘यात्री सुविधा सर्वोपरि, बेहतर कनेक्टिविटी के लिए बदला गया रूट’
नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एनएमआरसी) के प्रबंध निदेशक कृष्णा करुणेश ने कहा कि परियोजना के अलाइनमेंट में किया गया बदलाव पूरी तरह से यात्रियों की सुविधा, स्थानीय नागरिकों की आपत्तियों और भविष्य की बेहतर कनेक्टिविटी को ध्यान में रखकर किया गया है।
उन्होंने कहा कि— “एक्वा मेट्रो विस्तार और लिंक लाइन परियोजना नोएडा और ग्रेटर नोएडा के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को नई मजबूती देगी। सेक्टर-44 के निवासियों से प्राप्त सुझावों और तकनीकी पहलुओं का विस्तृत अध्ययन करने के बाद अलाइनमेंट में आवश्यक बदलाव किया गया है। हमारा उद्देश्य ऐसा मेट्रो नेटवर्क विकसित करना है जो अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप हो। परियोजना पूरी होने के बाद बॉटेनिकल गार्डन एनसीआर का एक महत्वपूर्ण इंटरचेंज हब बनेगा, जिससे लाखों यात्रियों को तेज, निर्बाध और आरामदायक यात्रा का लाभ मिलेगा।”
उन्होंने यह भी बताया कि निर्माण प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं और निर्माण एजेंसी का चयन होने के बाद कार्य निर्धारित समयसीमा के अनुसार शुरू कराया जाएगा।
दिल्ली-नोएडा-ग्रेटर नोएडा की यात्रा होगी और आसान
नई लिंक लाइन शुरू होने के बाद यात्रियों को ब्लू लाइन, मैजेंटा लाइन और एक्वा लाइन के बीच निर्बाध इंटरचेंज की सुविधा मिलेगी। इससे सड़क यातायात का दबाव कम होगा, यात्रा का समय घटेगा और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना नोएडा और ग्रेटर नोएडा के शहरी विकास, निवेश और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति देगी।



