Breaking News : सुबह 4 बजे बंदूक की नोक पर महिला से चेन स्नैचिंग, दूसरी जगह डेढ़ लाख की लूट पाट… आखिर हाई-प्रोफाइल पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट में सुरक्षा किसके भरोसे? तीन दिन पहले आई नई कमांडो सिक्योरिटी एजेंसी पर उठे बड़े सवाल, AOA गठन की मांग हुई तेज, सुबह चार बजे महिला को बनाया निशाना, बंदूक दिखाकर छीनी चेन

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा की हाई-प्रोफाइल रिहायशी सोसाइटियों में शामिल पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक ही दिन में हुई दो अलग-अलग आपराधिक घटनाओं ने न केवल सोसाइटी के निवासियों को दहशत में डाल दिया, बल्कि बिल्डर, मेंटेनेंस एजेंसी, JLL प्रबंधन और नई नियुक्त कमांडो सिक्योरिटी एजेंसी की कार्यप्रणाली पर भी सवालों की बौछार कर दी है। सुबह करीब चार बजे एक महिला के साथ कथित तौर पर बंदूक की नोक पर चेन स्नैचिंग की घटना और दूसरी ओर एक मकान से लगभग
1.5 लाख रुपये की चोरी ने सुरक्षा दावों की पोल खोल दी है।
घटना के बाद सोसाइटी में भारी आक्रोश देखने को मिला। निवासियों का कहना है कि जिस सुरक्षा व्यवस्था के लिए हर महीने लाखों रुपये मेंटेनेंस के रूप में खर्च किए जाते हैं, यदि उसी के बावजूद अपराधी आसानी से सोसाइटी में प्रवेश कर वारदात को अंजाम देकर निकल जाएं, तो यह पूरी व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है।
सुबह चार बजे महिला को बनाया निशाना, बंदूक दिखाकर छीनी चेन
सोसाइटी के निवासियों के अनुसार पहली घटना सी-ब्लॉक में हुई, जहां तड़के लगभग चार बजे एक महिला के साथ कथित रूप से हथियार के बल पर चेन स्नैचिंग की वारदात हुई। आरोप है कि बदमाश ने महिला की कनपटी पर बंदूक तानकर उसे डराया और उसके बाद गले से सोने की चेन छीनकर फरार हो गया। इस घटना के बाद पूरे परिसर में भय का माहौल है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के दावों के बावजूद अपराधी आखिर अंदर कैसे पहुंचे।
दूसरी वारदात में डेढ़ लाख रुपये की चोरी
इसी दिन दूसरी घटना ए-222 मकान में सामने आई, जहां से करीब 1.5 लाख रुपये चोरी होने की बात कही गई। लगातार दो घटनाओं ने सोसाइटी के निवासियों की चिंता कई गुना बढ़ा दी है। लोगों का कहना है कि यदि अपराधियों को बिना रोक-टोक प्रवेश मिल रहा है, तो भविष्य में और भी गंभीर घटनाएं हो सकती हैं।

नई सिक्योरिटी एजेंसी पर तीन दिन में ही सवाल
निवासी हरबीर सिंह का कहना है कि सोसाइटी में हाल ही में कमांडो सिक्योरिटी एजेंसी को सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई थी और अभी उसे कार्यभार संभाले केवल तीन दिन ही हुए थे कि दो बड़ी घटनाएं सामने आ गईं। ऐसे में नई एजेंसी की कार्यक्षमता और सुरक्षा प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। सोसाइटी के कई निवासियों का आरोप है कि बिना पर्याप्त सत्यापन और अनुमति के लोगों को परिसर में प्रवेश दिया जा रहा है। यदि प्रवेश व्यवस्था मजबूत होती तो इस तरह की घटनाओं की संभावना काफी कम हो सकती थी।
मेंटेनेंस, JLL और बिल्डर पर भी उठे सवाल
पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट टीम के सदस्य अशोक चौधरी ने कहा कि दोनों घटनाएं अत्यंत दुखद और निंदनीय हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल सिक्योरिटी एजेंसी की नहीं, बल्कि मेंटेनेंस और JLL प्रबंधन की भी गंभीर विफलता है। उनका आरोप है कि सुरक्षा मानकों का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा और इसी कारण अपराधियों का मनोबल बढ़ रहा है।
एडवोकेट गौरव शर्मा ने जताई कड़ी नाराजगी
एडवोकेट गौरव शर्मा ने कहा कि हाई-प्रोफाइल सोसाइटी में इस तरह की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि सुबह चार बजे महिला के साथ कथित रूप से हथियार दिखाकर चेन छीनी जाना और दूसरी ओर बड़ी चोरी होना सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर कमजोरी को उजागर करता है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कठोर कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में और बड़ी घटनाएं हो सकती हैं।
AOA गठन की मांग हुई तेज
शिव मंदिर समिति के अध्यक्ष अरविंद अहलावत ने कहा कि अब केवल सिक्योरिटी एजेंसी बदलने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि हर घटना के बाद नई एजेंसी लाकर मामला शांत करने की कोशिश की जाती है, लेकिन मूल समस्या जस की तस बनी रहती है।
उन्होंने मांग की कि बिल्डर तत्काल Apartment Owners Association (AOA) के गठन की औपचारिक घोषणा करे और चुनाव प्रक्रिया की समय-सीमा सार्वजनिक करे। उनका कहना है कि जब तक सोसाइटी का प्रबंधन निवासियों के प्रतिनिधियों के हाथ में नहीं आएगा, तब तक स्थायी समाधान संभव नहीं है।
एफआईआर में जिम्मेदार अधिकारियों के नाम जोड़ने की मांग
निवासी इंदु सोनी ने कहा कि यदि इस मामले में भी केवल औपचारिक कार्रवाई की गई और जिम्मेदारी तय नहीं हुई, तो एफआईआर में बिल्डर कंपनी के जिम्मेदार निदेशकों और संबंधित अधिकारियों के नाम भी शामिल किए जाने की मांग की जानी चाहिए। उनका कहना है कि जवाबदेही तय किए बिना सुरक्षा व्यवस्था में सुधार संभव नहीं है।
निष्पक्ष जांच की उठी मांग
राजश्री विष्ट और गौरव सिंह ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कहीं किसी स्तर पर गंभीर लापरवाही या संभावित मिलीभगत तो नहीं रही। उन्होंने कहा कि अब समय केवल आश्वासनों का नहीं बल्कि ठोस और निर्णायक कार्रवाई का है।
निवासियों में बढ़ी असुरक्षा की भावना
लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद सोसाइटी के लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि गेट पर निगरानी, विजिटर वेरिफिकेशन, सीसीटीवी मॉनिटरिंग और पेट्रोलिंग प्रभावी हो तो ऐसी घटनाओं पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।
निवासियों ने प्रशासन और पुलिस से भी मांग की है कि घटनाओं की गंभीरता से जांच कर दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए तथा सोसाइटी की सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक ऑडिट कराया जाए।



