Breaking News : "एयरपोर्ट तक उड़ान भरेगा नया नोएडा!, 80 गांवों की किस्मत बदलने जा रही नई कनेक्टिविटी, लिंक एक्सप्रेसवे के लूप से खुलेगा विकास का सुपर गेट", नया नोएडा से जेवर एयरपोर्ट तक सीधे सफर की तैयारी, 80 गांवों को मिलेगा विकास का नया पता

न्यू नोएडा, रफ़्तार टूडे। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े शहरी और औद्योगिक प्रोजेक्ट “नया नोएडा” को अब देश के सबसे आधुनिक और महत्वाकांक्षी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सीधे जोड़ने की तैयारी तेज हो गई है। इस दिशा में नोएडा प्राधिकरण ने बड़ी पहल करते हुए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीईडा) को लिंक एक्सप्रेसवे पर विशेष लूप (इंटरचेंज) बनाने के लिए पत्र भेजने का निर्णय लिया है। यदि यह प्रस्ताव मंजूर होता है तो दादरी-नोएडा-गाजियाबाद निवेश क्षेत्र (DNGIR) के अंतर्गत आने वाले करीब 80 गांवों की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल सकती हैं।
एयरपोर्ट और नया नोएडा के बीच बनेगा विकास का सीधा कॉरिडोर
दरअसल, 209.11 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में विकसित किए जा रहे दादरी-नोएडा-गाजियाबाद विशेष निवेश क्षेत्र (DNGIR) को भविष्य के आधुनिक औद्योगिक और आवासीय शहर के रूप में तैयार किया जा रहा है। इस विशाल परियोजना को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सीधे जोड़ने की कवायद शुरू हो चुकी है। इसके लिए गंगा एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे के बीच प्रस्तावित लगभग 72 किलोमीटर लंबे लिंक एक्सप्रेसवे में विशेष लूप बनाने की योजना पर विचार किया जा रहा है। यह लूप बनने से नया नोएडा क्षेत्र के लोगों को सीधे एयरपोर्ट तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी और आने वाले समय में यह पूरा इलाका औद्योगिक गतिविधियों और निवेश का नया केंद्र बन सकता है।
80 गांवों को मिलेगा सीधा लाभ, बढ़ेगी जमीनों की कीमत
प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार लिंक एक्सप्रेसवे का लगभग 20 किलोमीटर हिस्सा डीएनजीआईआर क्षेत्र से होकर गुजरेगा। ऐसे में यदि यहां चढ़ने और उतरने के लिए लूप बनाया जाता है तो ग्रेटर नोएडा के 20 गांव और बुलंदशहर के 60 गांवों सहित कुल 80 गांवों को इसका सीधा फायदा मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि एयरपोर्ट से सीधी कनेक्टिविटी मिलने के बाद इन गांवों की आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी, रोजगार के अवसर पैदा होंगे और जमीनों की कीमतों में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
एनएमआरसी कार्यालय में हुई अहम बैठक
इस महत्वपूर्ण विषय पर सेक्टर-29 स्थित नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (एनएमआरसी) कार्यालय में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी सतीश पाल की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में नोएडा प्राधिकरण, यमुना प्राधिकरण तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में तय किया गया कि यूपीईडा को औपचारिक पत्र भेजकर डीएनजीआईआर क्षेत्र में लूप बनाने का अनुरोध किया जाएगा।
20 गांव ग्रेटर नोएडा और 60 गांव बुलंदशहर के होंगे शामिल
ओएसडी क्रांति शेखर सिंह के अनुसार नया नोएडा बसाने के लिए ग्रेटर नोएडा के 20 गांवों तथा बुलंदशहर के 60 गांवों की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू की जा रही है। किसानों से आपसी सहमति के आधार पर जमीन ली जाएगी।
प्राधिकरण ने मुआवजा दर 4300 रुपये प्रति वर्गमीटर निर्धारित की है। वहीं जिन किसानों को सात प्रतिशत विकसित प्लॉट दिए जाएंगे, उन्हें 3800 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से मुआवजा प्रदान किया जाएगा।
चार चरणों में विकसित होगा नया नोएडा
करीब 20,911 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित होने वाले डीएनजीआईआर मास्टर प्लान को चार चरणों में पूरा किया जाएगा।
वर्ष 2023 से 2027 तक 3165 हेक्टेयर भूमि विकसित होगी।
वर्ष 2027 से 2032 तक 3798 हेक्टेयर क्षेत्र का विकास किया जाएगा।
वर्ष 2032 से 2037 तक 5908 हेक्टेयर क्षेत्र विकसित होगा।
वर्ष 2037 से 2041 तक अंतिम चरण में 8230 हेक्टेयर भूमि को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा।
इस्टर्न पेरिफेरल के पास बनेगा नया नोएडा का साइट ऑफिस
परियोजना की शुरुआत इस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के आसपास से की जाएगी। यहीं नया नोएडा का साइट कार्यालय भी बनाया जाएगा, जहां किसान भूलेख विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर अपनी भूमि से संबंधित प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। इसके अलावा जुलाई तक तीन तहसीलदारों की नियुक्ति भी की जाएगी, जो भूमि अधिग्रहण कार्य को गति देंगे।
औद्योगिक निवेश को मिलेगा नया पंख
विशेषज्ञों का मानना है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, गंगा एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे और लिंक एक्सप्रेसवे के साथ नया नोएडा देश का सबसे बड़ा औद्योगिक और लॉजिस्टिक हब बन सकता है। इससे न केवल निवेश बढ़ेगा बल्कि लाखों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र दिल्ली-एनसीआर के विकास का नया इंजन साबित हो सकता है और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।



