Tranding News : नोएडा एयरपोर्ट का कार्गो हब हुआ चालू, अब खेतों से लेकर फैक्ट्रियों तक पहुंचेगी दुनिया की सीधी उड़ान!, पश्चिमी यूपी के कारोबार, किसानों और निर्यातकों के लिए खुला सुनहरे अवसरों का नया आसमान, दिल्ली एयरपोर्ट पर निर्भरता होगी कम, दिल्ली एयरपोर्ट के 40 प्रतिशत कार्गो कारोबार में यूपी की हिस्सेदारी, उद्योगों को मिलेगा सीधा फायदा, विदेशों तक तेजी से पहुंचेगा सामान
अफकॉम के साथ साझेदारी से मिलेगा अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, पहली मालवाहक उड़ान के साथ जेवर बना उत्तर भारत का नया लॉजिस्टिक्स गेटवे, रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा सहारा

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन के साथ जिस आर्थिक क्रांति की उम्मीद की जा रही थी, उसकी तस्वीर अब धीरे-धीरे साफ दिखाई देने लगी है। जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से बुधवार को पहली कार्गो उड़ान के आगमन के साथ एक नए युग की शुरुआत हो गई। यह केवल एक विमान के उतरने की घटना नहीं, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और पंजाब के उद्योगों तथा कृषि क्षेत्र के लिए वैश्विक बाजारों के द्वार खुलने का संकेत है।
कार्गो संचालन शुरू होने के बाद अब निर्यातकों, व्यापारियों और किसानों को अपने उत्पादों को देश-विदेश तक पहुंचाने के लिए दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे समय की बचत के साथ-साथ परिवहन लागत में भी भारी कमी आने की उम्मीद है।
दिल्ली पर निर्भरता घटेगी, जेवर बनेगा नया एक्सपोर्ट हब
अब तक उत्तर प्रदेश के अधिकांश उद्योगों और निर्यातकों को अपने उत्पादों को विदेश भेजने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट के कार्गो टर्मिनल का सहारा लेना पड़ता था। वहां तक माल पहुंचाने में ट्रैफिक, लंबी दूरी और अतिरिक्त खर्च जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था।
लेकिन अब नोएडा एयरपोर्ट पर कार्गो सुविधा शुरू होने के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश के व्यापारियों को एक बड़ा विकल्प मिल गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में दिल्ली एयरपोर्ट के कुल कार्गो कारोबार का एक बड़ा हिस्सा जेवर एयरपोर्ट की ओर स्थानांतरित हो सकता है।
दिल्ली एयरपोर्ट के 40 प्रतिशत कार्गो कारोबार में यूपी की हिस्सेदारी
लॉजिस्टिक्स और एविएशन सेक्टर के जानकारों का कहना है कि दिल्ली एयरपोर्ट के कुल कार्गो संचालन में लगभग 40 प्रतिशत योगदान उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों का है।
ऐसे में जेवर एयरपोर्ट के कार्गो हब के रूप में विकसित होने से दिल्ली एयरपोर्ट पर दबाव कम होगा और उत्तर भारत को एक नया और आधुनिक लॉजिस्टिक्स सेंटर मिलेगा। इससे निर्यातकों को कम समय में बेहतर सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
उद्योगों को मिलेगा सीधा फायदा, विदेशों तक तेजी से पहुंचेगा सामान
पश्चिमी उत्तर प्रदेश लंबे समय से औद्योगिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। अलीगढ़ के ताले, मुरादाबाद का पीतल उद्योग, नोएडा और ग्रेटर नोएडा की इलेक्ट्रॉनिक्स यूनिट्स, गाजियाबाद की इंजीनियरिंग इकाइयां, मेरठ का खेल उद्योग और आगरा का फुटवियर सेक्टर अब इस नई सुविधा का सीधा लाभ उठा सकेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि दवाइयां, वस्त्र, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो पार्ट्स और अन्य औद्योगिक उत्पाद अब पहले की तुलना में कहीं अधिक तेजी से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच सकेंगे। इससे निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी मजबूत होगी।
किसानों के लिए खुलेगा वैश्विक बाजार का रास्ता
नोएडा एयरपोर्ट का कार्गो हब सबसे अधिक लाभ कृषि क्षेत्र को पहुंचा सकता है। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और पंजाब के किसान अब अपने ताजे फल, सब्जियां, डेयरी उत्पाद, फूल और अन्य कृषि उत्पाद सीधे विदेशों तक भेज सकेंगे। अब तक नाशवान वस्तुओं के निर्यात में सबसे बड़ी चुनौती समय और गुणवत्ता को बनाए रखने की होती थी। लेकिन एयरपोर्ट परिसर में विकसित की जा रही अत्याधुनिक कोल्ड चेन और उच्च क्षमता वाले डीप फ्रीजर सिस्टम इन समस्याओं का समाधान करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
विशेषज्ञों के अनुसार इससे किसानों की आय बढ़ाने और कृषि निर्यात को नई गति देने में मदद मिलेगी।
अफकॉम के साथ साझेदारी से मिलेगा अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के कार्गो संचालन को मजबूत बनाने के लिए यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड और एआई सेट्स ने चेन्नई स्थित अंतरराष्ट्रीय कार्गो एयरलाइन अफकॉम के साथ साझेदारी की है।
अफकॉम बोइंग 737-800 मालवाहक विमानों का संचालन करती है और उसके नेटवर्क में बैंकॉक, यांगून, हनोई, कोलंबो, माले और दुबई जैसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय शहर शामिल हैं। इस साझेदारी से जेवर एयरपोर्ट को वैश्विक कार्गो नेटवर्क से जोड़ने में बड़ी मदद मिलेगी।
उत्तर भारत का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक्स सेंटर बनने की ओर बढ़ रहा जेवर
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट केवल यात्री सेवाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह उत्तर भारत का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक्स और कार्गो हब बन सकता है। यमुना एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और प्रस्तावित मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट सिस्टम जैसी परियोजनाएं इस क्षेत्र को और अधिक मजबूत बनाएंगी। इसका सीधा लाभ उद्योग, कृषि, रोजगार और निवेश के क्षेत्र में दिखाई देगा।
बढ़ रही है उड़ानों की संख्या, कनेक्टिविटी को मिल रही नई रफ्तार
कार्गो सेवा के साथ-साथ यात्री सेवाओं का विस्तार भी तेजी से हो रहा है। अकासा एयर ने नवी मुंबई और बेंगलुरु के लिए उड़ानें शुरू कर दी हैं, जबकि इंडिगो ने जम्मू के लिए नियमित सेवा आरंभ कर दी है। मंगलवार को एयरपोर्ट पर विभिन्न शहरों से कुल 12 विमानों की आवाजाही दर्ज की गई, जो यह संकेत देता है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तेजी से उत्तर भारत के प्रमुख एविएशन सेंटर के रूप में उभर रहा है।
रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा सहारा
कार्गो संचालन के विस्तार से केवल व्यापार ही नहीं बढ़ेगा, बल्कि हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स, ट्रांसपोर्टेशन, कोल्ड स्टोरेज, पैकेजिंग और सप्लाई चेन से जुड़े क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होने की संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में जेवर एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।



