Greater Noida News : “ग्रेटर नोएडा में ‘विजय सिंह पथिक प्रतिभा विकास केंद्र’ का शुभारंभ, वंचित बच्चों के जीवन में जगाई नई रोशनी, संस्कार-शिक्षा का अनोखा संगम!”, वनवासी रक्षा परिवार फाउंडेशन का बड़ा संकल्प: शहर में खुलेंगे 10 नए संस्कार केंद्र,नई सुबह, नई दिशा… ग्रेटर नोएडा में शिक्षा-संस्कार का विस्तार
ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। योग, प्राणायाम, संस्कार, शिक्षा और व्यक्तित्व विकास—इन सभी तत्वों को एक ही मंच पर जोड़कर वंचित बच्चों के जीवन में नए उजाले भरने का मिशन लेकर वनवासी रक्षा परिवार फाउंडेशन ने ग्रेटर नोएडा में एक बड़ा कदम उठाया है।
जे एस आदर्श विद्यालय, बिरौंडी में विजय सिंह पथिक प्रतिभा विकास केंद्र का भव्य उद्घाटन किया गया। यह केंद्र उन बच्चों के लिए शुरू किया गया है जो नगरीय क्षेत्र में रहकर भी संसाधनों की कमी के कारण गुणवत्तापूर्ण संस्कार और समग्र शिक्षा से वंचित रह जाते हैं।
इस अवसर पर फाउंडेशन और समाज के कई प्रतिष्ठित व्यक्तित्व उपस्थित रहे—
राजेश दत्ता (केंद्रीय मंत्री, वनवासी रक्षा परिवार फाउंडेशन)
शिव नरेश पांडे (जिला महामंत्री)
भरत जी (पूर्वी संभाग संयोजक)
संगीता वर्मा (जिला महिला संयोजिका)
डॉ. नीरज कौशिक (जिला मंत्री)
प्रो. विवेक कुमार
डॉ. दिव्या अग्रवाल
नीरज जिंदल
तथा विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य
इन सभी ने एक सुर में कहा कि यह प्रतिभा विकास केंद्र केवल एक शिक्षण स्थल नहीं, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास की प्रयोगशाला होगा।
ग्रेटर नोएडा में 10 केंद्र खोलने की तैयारी — ‘मिशन संस्कार’ शुरू
वनवासी रक्षा परिवार फाउंडेशन ने घोषणा की कि ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में जल्द ही ऐसे 10 प्रतिभा विकास केंद्र शुरू किए जाएंगे।
उद्देश्य है— प्रत्येक वंचित परिवार के बच्चे तक संस्कार और मूल्य आधारित शिक्षा पहुंचाना
शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक व नैतिक विकास को संतुलित करना, समाज में अनुशासित, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक तैयार करना
भारत के 18 राज्यों में पहले से ही 1500 ऐसे केंद्र संचालित हो रहे हैं, और इस वर्ष 1000 नए केंद्र खोलने का लक्ष्य निर्धारित है।
‘एक केंद्र, अनेक परिवर्तन’ — बच्चों में दिख रहा अद्भुत बदलाव
अपने प्रेरक संबोधन में केंद्रीय मंत्री राजेश दत्ता ने बताया कि प्रतिभा विकास केंद्रों से जुड़े बच्चों में आश्चर्यजनक परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं।
व्यवहार में सकारात्मकता
पढ़ाई में वृद्धि
सामाजिकता में सुधार
अनुशासन की आदत
और आत्मविश्वास में अद्भुत वृद्धि
उन्होंने कहा—
“इन केंद्रों में आने वाले बच्चे सिर्फ पढ़ना नहीं सीखते, बल्कि जीवन जीने का सलीका सीखते हैं। संस्कार और शिक्षा का जब समावेश होता है, तभी व्यक्तित्व पूर्ण होता है।”
संस्कार + स्वास्थ्य = जीवन परिवर्तन
कार्यक्रम के दौरान पूर्वी संभाग संयोजक भरत जी ने बच्चों, अभिभावकों और अतिथियों को प्राणायाम, जीवन मूल्य और संस्कारों के महत्व का अभ्यास करवाया।
इससे कार्यक्रम स्थल का वातावरण आध्यात्मिक और सकारात्मक ऊर्जा से भर गया।
उन्होंने बताया कि—
“प्राणायाम और अनुशासन बच्चों को मानसिक मजबूती देते हैं। संस्कार उन्हें जीवन की दिशा दिखाते हैं।”
विद्यालय प्रबंधन भी बच्चों में दिख रहे बदलाव से उत्साहित
कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन समिति के कई सदस्य—
ज्ञानचंद बोहरे, संतराम मावी, सतीश मावी, सतपाल मावी, प्रधानाचार्य रकम सिंह, जितेंद्र मावी—उपस्थित रहे।
सतीश मावी ने कहा,
“इन केंद्रों में बच्चों का शारीरिक, बौद्धिक और नैतिक विकास तेजी से हो रहा है। उनके व्यवहार में परिवर्तन अभी से दिखने लगा है।”
प्रधानाचार्य रकम सिंह ने तो एक गहरी बात कही—
“निर्माण और विनाश, दोनों ही शिक्षक की गोद में पलते हैं। हमें गर्व है कि हमारे विद्यालय में संस्कार केंद्र की शिक्षिका सविता जी बच्चों को सतगुणों के मार्ग पर ले जाएंगी।”
केंद्र का उद्देश्य — सिर्फ पढ़ाना नहीं, जीवन बनाना है
प्रतिभा विकास केंद्र बच्चों को सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रखता। यहाँ उन्हें सिखाया जाता है— नैतिकता
योग
प्राणायाम
व्यक्तित्व विकास
राष्ट्र सेवा
अनुशासन
सामाजिक सहभागिता
संस्कार
और सामूहिक जीवन का महत्व
कुल मिलाकर यह केंद्र बच्चों को एक सुसंस्कृत मानव बनाने का मिशन है।
कार्यक्रम का समापन: कल्याण मंत्र और प्रसाद के साथ आध्यात्मिक वातावरण
कार्यक्रम के अंत में सभी ने मिलकर कल्याण मंत्र का उच्चारण किया।
इसके बाद जलपान की व्यवस्था की गई, जिसने पूरे समारोह को पारंपरिक सौहार्द के साथ समाप्त किया। इस अवसर पर माहौल में एक अलग ही आध्यात्मिक और सामाजिक समरसता महसूस की गई।
बिरौंडी से उठी यह ज्योति, पूरे ग्रेटर नोएडा को आलोकित करेगी
विजय सिंह पथिक प्रतिभा विकास केंद्र का उद्घाटन सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं था—
यह एक संकल्प था…
एक शुरूआत थी…
एक सामाजिक जागरण का दीपक था…
जो आने वाले समय में हजारों बच्चों के जीवन को बदलने वाला है।
वनवासी रक्षा परिवार फाउंडेशन का यह प्रयास ग्रेटर नोएडा को संस्कारयुक्त शिक्षा का मॉडल शहर बना सकता है। यह केंद्र आने वाले समय में समाज और शहर दोनों की दिशा बदलने का सामर्थ्य रखते हैं।



