Noida Authority News : नोएडा प्राधिकरण का भूमाफियाओं पर बड़ा प्रहार, झट्टा गांव में 22,670 वर्गमीटर सरकारी भूमि को कराया अतिक्रमण मुक्त, अवैध प्लॉटिंग और निर्माण ध्वस्त, अवैध निर्माण के खिलाफ लगातार जारी रहेगा अभियान, सीईओ कृष्णा करुणेश बोले ऐसे मामलों में "जीरो टॉलरेंस" की नीति के तहत कार्रवाई कर रहा है

ग्रेटर नोएडा/नोएडा, रफ़्तार टूडे। नोएडा प्राधिकरण ने अधिसूचित क्षेत्र में अवैध कब्जों और अनधिकृत कॉलोनियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज करते हुए भूमाफियाओं पर बड़ा प्रहार किया है। प्राधिकरण ने पुलिस बल के साथ संयुक्त अभियान चलाकर ग्राम झट्टा की अधिसूचित भूमि पर किए जा रहे अवैध निर्माण और प्लॉटिंग को ध्वस्त कर करीब 22,670 वर्गमीटर सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। यह कार्रवाई 16 जुलाई 2026 को वर्क सर्किल-10 और भूलेख विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई। प्राधिकरण के अनुसार ग्राम झट्टा के खसरा संख्या-456 स्थित अधिसूचित भूमि पर कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से चिनाई कर प्लॉटिंग की जा रही थी और धीरे-धीरे कब्जा जमाने का प्रयास किया जा रहा था। सूचना मिलने के बाद प्राधिकरण ने पूरे मामले की जांच कर पुलिस बल के सहयोग से मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माण को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इस दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पर्याप्त पुलिस बल भी तैनात रहा।
सरकारी जमीन पर कब्जे की कोशिश नाकाम
प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि भूमाफिया सरकारी भूमि पर अवैध प्लॉटिंग कर लोगों को गुमराह कर रहे थे। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की जाती तो यहां अवैध कॉलोनी विकसित हो सकती थी, जिससे भविष्य में खरीदारों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता। इसी कारण बिना किसी देरी के बुलडोजर चलाकर पूरी अवैध प्लॉटिंग और निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नोएडा प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में बिना अनुमति किसी भी प्रकार का निर्माण या प्लॉटिंग पूरी तरह प्रतिबंधित है। ऐसे मामलों में लगातार निगरानी रखी जा रही है और जहां भी अवैध गतिविधियां सामने आएंगी, वहां तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

भूमाफियाओं को सख्त चेतावनी
कार्रवाई के दौरान प्राधिकरण अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों और अवैध निर्माणकर्ताओं को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि भविष्य में अधिसूचित क्षेत्र में दोबारा अवैध प्लॉटिंग, निर्माण या सरकारी भूमि पर कब्जे का प्रयास किया गया तो केवल ध्वस्तीकरण ही नहीं, बल्कि संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
प्राधिकरण के CEO कृष्णा करुणेश ने कहा कि सरकारी भूमि पर कब्जा करने वाले या अवैध कॉलोनियां विकसित करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ऐसे मामलों में “जीरो टॉलरेंस” की नीति के तहत कार्रवाई कर रहा है।
जनता से की गई महत्वपूर्ण अपील
नोएडा प्राधिकरण ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे किसी भी भूखंड या संपत्ति को खरीदने से पहले उसकी वैधता की पूरी जांच अवश्य करें। बिना प्राधिकरण की अनुमति विकसित की जा रही कॉलोनियों या प्लॉटों में निवेश करने से बचें, क्योंकि ऐसे निर्माणों पर कभी भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हो सकती है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्राधिकरण या संबंधित पुलिस अधिकारियों को देने का आग्रह भी किया गया है।

अवैध निर्माण के खिलाफ लगातार जारी रहेगा अभियान
प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि आगे भी लगातार जारी रहेगा। अधिसूचित क्षेत्र में सरकारी भूमि की सुरक्षा, योजनाबद्ध विकास और आम लोगों के हितों की रक्षा के लिए समय-समय पर विशेष अभियान चलाए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि भूमाफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई से न केवल सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा होगी, बल्कि वैध निवेशकों का विश्वास भी मजबूत होगा।
नोएडा प्राधिकरण ने दोहराया कि शहर के सुनियोजित विकास में बाधा बनने वाले किसी भी अवैध निर्माण, अतिक्रमण या प्लॉटिंग को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी इसी तरह कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।



