शिक्षाग्रेटर नोएडा

NIET College News : अभूतपूर्व उपलब्धि डॉ. अविजीत मजूमदार को भारत सरकार से पेटेंट, एनआईईटी फार्मेसी संस्थान ने बढ़ाया गौरव, फार्मा और स्वास्थ्य अनुसंधान में बड़ा योगदान

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे।
ग्रेटर नोएडा स्थित एनआईईटी फार्मेसी इंस्टीट्यूट ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। संस्थान के निदेशक डॉ. अविजीत मजूमदार को भारत सरकार द्वारा “डायबिटिक घावों के लिए हर्बल एंटी-ऑक्सीडेंट फॉर्म्युलेशन और उसकी तैयारी की विधि” विषय पर शोध हेतु पेटेंट प्रदान किया गया है। यह उपलब्धि न केवल संस्थान बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का क्षण है।
डॉ. अविजीत मजूमदार की यह अभूतपूर्व उपलब्धि आने वाले समय में न केवल डायबिटीज से जूझ रहे मरीजों के लिए नई उम्मीद बनेगी, बल्कि यह भारत को हर्बल मेडिसिन और फार्मा रिसर्च में अग्रणी बनाने की दिशा में भी एक मजबूत कदम है।

शोध से समाज को नई दिशा

डॉ. मजूमदार का यह अभिनव शोध डायबिटिक घावों के उपचार में एक प्राकृतिक और टिकाऊ समाधान प्रस्तुत करता है। डायबिटीज आज भारत और दुनिया दोनों में सबसे बड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक है। इसके कारण होने वाले घावों का इलाज लंबे समय से डॉक्टरों और वैज्ञानिकों के लिए कठिन रहा है। ऐसे में डॉ. मजूमदार द्वारा विकसित यह हर्बल फॉर्म्युलेशन मरीजों के लिए नई उम्मीद लेकर आया है।

फार्मा और स्वास्थ्य अनुसंधान में बड़ा योगदान

यह खोज केवल चिकित्सा क्षेत्र के लिए ही नहीं, बल्कि फार्मास्यूटिकल साइंसेज और स्वास्थ्य अनुसंधान के क्षेत्र में भी एक महत्वपूर्ण योगदान है। यह फार्म्युलेशन मरीजों को साइड इफेक्ट से बचाएगा।

हर्बल आधारित होने के कारण यह अधिक सुरक्षित और किफायती साबित होगा।

आने वाले समय में इसे बड़े पैमाने पर दवाओं में शामिल किया जा सकेगा।

संस्थान ने जताया गर्व

एनआईईटी फार्मेसी इंस्टीट्यूट के नेतृत्व ने इस उपलब्धि पर अपार हर्ष और गर्व व्यक्त किया। संस्थान की ओर से कहा गया :

> “यह पेटेंट हमारी मजबूत शोध संस्कृति और शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रमाण है। एनआईईटी हमेशा ऐसे नवाचारों को प्रोत्साहित करता रहेगा, जो समाज और स्वास्थ्य क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाए।”

एनआईईटी फार्मेसी : नवाचार और उत्कृष्टता का केंद्र

इस पेटेंट के साथ एनआईईटी फार्मेसी इंस्टीट्यूट ने एक बार फिर साबित किया है कि वह फार्मेसी शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्र में देश के अग्रणी संस्थानों में से एक है।

यहां की शोध सुविधाएं अत्याधुनिक हैं।

छात्र और शोधकर्ता निरंतर नए प्रयोगों में सक्रिय रहते हैं।

संस्थान का लक्ष्य है कि भारत स्वास्थ्य और फार्मा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बने।

वैश्विक स्तर पर बढ़ेगा नाम

यह पेटेंट न केवल राष्ट्रीय स्तर पर, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाएगा। हर्बल चिकित्सा और प्राकृतिक उपचार की दिशा में यह शोध भारत की प्राचीन चिकित्सा परंपरा को आधुनिक विज्ञान से जोड़ने का कार्य करेगा।

रफ़्तार टुडे की न्यूज़
Raftar Today
Raftar Today

Related Articles

Back to top button