उत्तर प्रदेशक्राइमताजातरीनपुलिसप्रशासन

UP Police News : “घर के चार शव, करोड़ों के गहने और दोस्ती में खून!, प्रयागराज हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा, बेटे पर परिवार की हत्या का आरोप, फिर साथी ने ही कर दिया उसका अंत, 24 घंटे में खुलासे का दावा, आरोपी मित्र हिरासत में, 1.5 करोड़ रुपये के गहनों की चर्चा

प्रयागराज, रफ़्तार टूडे। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में कारोबारी परिवार के चार लोगों की मौत से जुड़े सनसनीखेज मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर बड़ा खुलासा करने का दावा किया है। जिस हत्याकांड ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया था, उसकी जांच में सामने आई कहानी किसी क्राइम थ्रिलर से कम नहीं बताई जा रही। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में परिवार का बड़ा बेटा अभिषेक मुख्य साजिशकर्ता के रूप में सामने आया है, जिसने कथित तौर पर अपने एक मित्र के साथ मिलकर अपने ही माता-पिता और बहन की हत्या की। इसके बाद लूट के माल के बंटवारे को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ और आरोप है कि दोस्त ने अभिषेक की भी हत्या कर दी। यह मामला न केवल चार हत्याओं का है, बल्कि पारिवारिक रिश्तों, संपत्ति विवाद, लालच और विश्वासघात की ऐसी कहानी बनकर सामने आया है जिसने पूरे प्रदेश को स्तब्ध कर दिया है।


24 घंटे में खुलासे का दावा, आरोपी मित्र हिरासत में
पुलिस कमिश्नर आईपीएस जोगेंद्र कुमार ने मामले में सनी गुप्ता नामक युवक को हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि वह स्थानीय स्तर पर चाय की दुकान चलाता है। पुलिस के अनुसार उसके कब्जे से कथित रूप से लूटे गए गहनों का एक हिस्सा भी बरामद किया गया है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। पुलिस कमिश्नर आईपीएस जोगेंद्र कुमार का कहना है कि शुरुआती जांच और साक्ष्यों के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया है कि घटना के पीछे आर्थिक लाभ और पारिवारिक तनाव प्रमुख कारण हो सकते हैं। हालांकि अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया और विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएंगे।

घर में मिले तीन शव, दुकान में मिला बेटे का शव
मंगलवार सुबह प्रयागराज के व्यस्त हीवेट रोड क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई जब कारोबारी वीरेंद्र कुमार वैश्य (70), उनकी पत्नी अनीता वैश्य (65) और बेटी मीनाक्षी (45) के शव उनके आवास में मिले। घर बाहर से बंद था, जिससे शुरुआत में मामला और रहस्यमय हो गया।
कुछ देर बाद पुलिस ज्वाइंट कमिश्नर IPS अजयपाल शर्मा ने बताया कि उसी भवन के नीचे स्थित एक दुकान में परिवार के बड़े बेटे अभिषेक का शव भी मिला। यह दुकान भी बाहर से बंद थी। चार-चार शव मिलने से पूरे इलाके में भय और दहशत का माहौल बन गया था।


दो मंजिला मकान और करोड़ों की संपत्ति
जानकारी के अनुसार वीरेंद्र कुमार वैश्य इलाके के प्रतिष्ठित कारोबारी थे। उनका दो मंजिला मकान हीवेट रोड चौराहे पर स्थित है। भवन के निचले हिस्से में कुल 14 दुकानें हैं, जिनमें से अधिकांश किराये पर दी गई हैं। परिवार आर्थिक रूप से संपन्न माना जाता था। बेटी मीनाक्षी गिफ्ट आइटम का व्यवसाय संभालती थीं, जबकि अभिषेक फ्लोर क्लीनिंग से जुड़े कार्यों में सक्रिय था। परिवार की संपत्ति और कारोबार को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं।

जांच को भटकाने की कोशिश?
घटनास्थल से एक गत्ता भी बरामद हुआ, जिस पर लाल रंग से लिखा था—“बंटी, बबली और बहू ने मारा”
पुलिस ज्वाइंट कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर अजयपाल शर्मा ने शुरुआती दौर में यह संदेश काफी महत्वपूर्ण लगा, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर इसे कथित रूप से भटकाव पैदा करने की कोशिश माना जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पुलिस को शक है कि यह संदेश जांच की दिशा बदलने और किसी अन्य व्यक्ति पर संदेह केंद्रित करने के उद्देश्य से लिखा गया हो सकता है। हालांकि पुलिस ने इस संबंध में आधिकारिक रूप से विस्तृत बयान जारी नहीं किया है और मामले की जांच जारी है।

पारिवारिक तनाव बना वजह?
मीडिया रिपोर्ट्स और पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि अभिषेक और उसके पिता के बीच लंबे समय से मतभेद चल रहे थे। परिवार को उसकी कुछ गतिविधियों और संगति पर आपत्ति थी। बताया जा रहा है कि इन विवादों के चलते घर का माहौल अक्सर तनावपूर्ण रहता था।

डेढ़ करोड़ रुपये के गहनों की चर्चा
पुलिस सूत्रों के अनुसार हत्या के बाद घर से बड़ी मात्रा में आभूषण और कीमती सामान गायब पाया गया। जांच में सामने आया कि कथित रूप से लगभग डेढ़ करोड़ रुपये मूल्य के गहनों को लेकर दोनों आरोपियों के बीच विवाद हुआ। यही विवाद आगे चलकर इतना बढ़ गया कि कथित रूप से अभिषेक की भी हत्या कर दी गई। इस तरह जिस व्यक्ति पर परिवार की हत्या का आरोप है, वह स्वयं भी इस खूनी घटनाक्रम का शिकार बन गया।

पूरे शहर में चर्चा का विषय बना मामला
प्रयागराज का यह मामला अब पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन चुका है। लोग यह सोचकर हैरान हैं कि जिस परिवार ने वर्षों की मेहनत से संपत्ति और प्रतिष्ठा अर्जित की, उसी परिवार के भीतर कथित रूप से इतना बड़ा अपराध कैसे घटित हो गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी कई पहलुओं की जांच जारी है। फॉरेंसिक रिपोर्ट, डिजिटल साक्ष्य और अन्य तकनीकी जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी।

पुलिस की अपील
पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में हर पहलू की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

रफ़्तार टूडे की न्यूज

Raftar Today
Raftar Today

Related Articles

Back to top button